Cia Cai Lin (Precious Gem 💎) Oh, precious gem, you are not so easy.Don’t attract me like that.It’s…
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wallacepolsom

★
Keni

oozey mess
ojovivo

Janaina Medeiros
untitled
Three Goblin Art
"I'm Dorothy Gale from Kansas"
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Cosmic Funnies
🩵 avery cochrane 🩵
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Kiana Khansmith

❣ Chile in a Photography ❣

Origami Around
Sade Olutola
Jules of Nature

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Cia Cai Lin (Precious Gem 💎) Oh, precious gem, you are not so easy.Don’t attract me like that.It’s…
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Link of Books By Vikrant Sharma
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अप्रभावित
अगर तुम यूँ ही खुद को बुरा दिखाना चाहते हो,अंदर जो भी अच्छा है, उसको छुपाना चाहते हो।तो मुझे नहीं लगता तुम्हें ऐसा करना चाहिए,चंद बुरे लोगों की खातिर खुद को बदलना चाहिए।तुम और मैं ऐसे ही हैं, हमें कोई तोड़ नहीं सकता।छोड़ना चाहे फिर भी, कोई छोड़ नहीं सकता।चंद लोगों के कारण हम यूँ खुद को बदल नहीं सकते।हम जानते हैं, हम ऐसे बदल नहीं सकते।हम जो हैं, वही रहेंगे,हर समय बस सत्य कहेंगे।जो अच्छे-बुरे बदलाव…
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A New Dawn
It’s exactly how it feels when someone goes.Do you think I still don’t know?I know you are in some trouble,Trapped in your own created bubble.Don’t worry, I am here to get you out of it.You just need to understand me a little bit.I always come with some hope,In my verse, in this opus.Always feel free to share your thoughts,Whether I am calm or my behavior is hot.I know I will understand you every…
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अंतिम रोशनी
मैं जानता हूँ तुम समझ रहे हो ।लोग जरूरत के साथी है ।पर शायद मैं ऐसा नहीं हूं।ऐसे ही नहीं ये भावना आती है ।तुम भी बसते हो दिल में ।और ये हवा बालों को सहलाती है ।कहती है तुम हर पल अच्छे हो।प्रेम सागर में बहा ले जाती है ।मुझे लगता है तुम विडम्बना में हो ।मै कहू या फिर यूँ मोन रहूं ।कहना चाहे मन ये फिर भी क्यूं मैं यूँ मोन रहूँ ।कोई बात नहीं में भी ऐसा ही था ।कुछ पल तक पहले जैसा ही था ।पर जाने से…
अल्फाज
अल्फाज़ कुछ भी कहे मगर दिल ख़ामोज है ।क्यू ये इतना अलग क्यू यूँ इतना मदहोश है ।।वो रोशनी ही क्या जो राहो को जगमगा न दे।वो खुशी भी क्या जो खुदी को भुला न दे।वो सफर ही कैसे जो थोड़ा सा थका न दे।वो बातें ही कैसी जिससे चेहरा मुस्कुरा न दे।।तभी कह सको तो कुछ अच्छा कहो ।हो सके तो सच्चा कहो ।भले ही होना जो भी हो ।पाना या खोना जो भी हो ।।ये खुशी कोई छिन नहीं सकता क्योंकि ये भीतर से आती है ।बहार जितने भी…
पसंद
तुम्हे फुल पसंद है , मैं फूलो से प्यार करने लगा।उनसे भी प्यार का इजहार करने लगा ।तुम्हे लिखना पसंद है ,मैं नई कहनीया लिखने लगा ।हर पल यूँ ही बहतर दिखने लगा ।तुम्हे चांद पसंद है ,इसलिए में उस चांद को निहारता हूँ ।दिल में तुम्हारे ख्यालो को सवारता हूँ ।तुम्हे घूमना पसंद है,लो देखो में भी अब आवारा फिर रहा हूँ ।बन कर उम्मीद का सहारा फिर रहा हूँ ।तुम्हे मुस्कुराना पसंद है ।बस ये जान कर में दुखो में…
आंचल
एक काम करो तुम रहने ही दो ।ये तुम्हारे बस की बात नहीं ।सब कुछ हो जानते फिर भी ।ये तुम्हारे बस की बात नहीं ।पकड़े रखो अपने आंचल को ।यूँ ही अंधकार खो जायेगा ।सच कह नहीं सकते ।ओर सोचते हो सत्य ये हो जाएगा।सच में तुम रहने ही दो, खुद को बस संभाले रखो ।आँखों की नमी ऐसे भी दिखती है ।मन को भ्रम में डाले रखो ।क्या थे तुम , क्या बन रहे हो ।क्या सोचकर इतना तन रहे हो ।मेरा आने का इरादा नहीं है ।तुम्हारा प्यार…
आवारा
वो चेहरा भी अब दिखाते नहीं ।यूँ इन निगाहो में आते नहीं ।जो भी था कसूर हमारा था ।शायद ये दिल ही आवार था।अब तो यूँ ऐसे भी मुलाक़ात नहीं होती।अक्सर हमारी अब बात नहीं होती।यूँ उम्मीदें भी अब साथ नहीं होती।पर याद के बिना अब ये रात नहीं होती।ये किसी कहनियाँ प्यार के सब झूठे है ।हमे बस लगता है, वो बस रूठें है ।पर सच में क्या वो अब नहीं आने वाले ।क्या वो हमे अब नहीं अपनाने वाले ।
सोचता हूँ
क्या करू उन दुआओं का जो दिल से आती नहीं ।क्या करना उस याद का जो कभी जाती नहीं।कोई इतना नहीं कहता की तुम मेरे हो ।अपना कहने में भी जुबान लड़खड़ाती है ।सोचता हूँ तुम्हे कुछ सलीका सिखा दूँ ।बात करने का तरीका बता दूँ ।हीम्मत नहीं है अपना बनाने की ।तो सोचा क्यों न तुम्हे अपना बता दू।तुम्हे आने में शायद देर लगेगी ।अभी तो कई सवेर लगेगी।सोचता हूँ तब तक कहनीयो में ही रह लूँ ।मरते हुए भी खुद को जिंदा कह लूँ…
छुपाया नहीं जाता
अब तो आँखों का गम भी छुपाया नहीं जाता।ये हाल दिल का किसीको बताया नहीं जाता तुम कहते हो समझाओं खुदो थोड़ा ।क्या करे ये दिल हमसे अब समझाया नहीं जाता।शायद नग्वार है उनको हमसे इश्क़ होना।पर क्या करे ये इश्क़ भी तो छुपाया नहीं जाता ।जानते है वो तो हमको हमारी शख्सियत से ।पर अब इस शख्सियत को भी ऊंचा बताया नहीं जाता।अब तो तुम भी रूठें ही सही, अब और हमसे बहाना बनाया नहीं जाता ।आना जाना तो है तुम्हारा…
भान
तुम तोड़ोगे, मैं निखर जाऊँगा।प्यार से देखोगे तो बिखर जाऊँगा।वैसे भी मैं ऐसा ही हूँ,कुछ-कुछ तुम्हारे जैसा ही हूँ।है मुझमें कोई बदलाव नहीं,वैसे ही सबसे दूर रहता हूँ।अकेले होकर भी भीड़ में,खुद को अब मशहूर कहता हूँ।वैसे ये दिलेरी तुम शायद ला नहीं सकते,हम पर संदेह करते हो,वो अतीत अपना नहीं सकते।क्योंकि उस समय वैसे भीतुम झूठ में जी रहे थे।चुनाव अच्छा नहीं था, फिर भीखुद को सही कह रहे थे।हम तो वैसे भी…
चहरा
वो चेहरा भी अब दिखाते नहीं ।यूँ इन निगाहो में आते नहीं ।जो भी था कसूर हमारा था ।शायद ये दिल ही आवार था।अब तो यूँ ऐसे भी मुलाक़ात नहीं होती।अक्सर हमारी अब बात नहीं होती।यूँ उम्मीदें भी अब साथ नहीं होती।पर याद के बिना अब ये रात नहीं होती।ये किसी कहनियाँ प्यार के सब झूठे है ।हमे बस लगता है, वो बस रूठें है ।पर सच में क्या वो अब नहीं आने वाले ।क्या वो हमे अब नहीं अपनाने वाले ।
एक उम्मीद
उससे मिले अब अरसों हो गए हैं,बात किए भी बरसों हो गए हैं।बस कभी-कभी धुंधली सी तस्वीर देख लेता हूँ,फिर यूँ ही आँखें फेर लेता हूँ।क्योंकि बस एक हल्की-सी उम्मीद है दोबारा मिलने की,घटाओं में फिर से फूल खिलने की।शायद कहानी ऐसी न रहे,कुछ अच्छा हो, अगर पहले जैसी न रहे।कोशिश फिर करूँगा कि दोबारा गलती न हो,क्या फ़ायदा उस ज़िंदगी का, जो राह पर चलती न हो।काश उम्र भी ढलती न हो,क्यों दिल के संभाले उम्मीदें…
"प्रयास"By Vikrant Sharma
https://play.google.com/store/books/details?id=vaDrEQAAQBAJ कुछ खुद चलकर नहीं आएगा,प्रयास तो करना होगा।पाना है कुछ तो पहले,खुद से ही लड़ना होगा।सौ बार टूटे विश्वास फिर भी,खुद पर तो करना होगा।पाना है कुछ तो पहले,खुद से ही लड़ना होगा।ये एकतरफ़ा कोशिश कब तक काम आएगी?आना तो तुम्हें होगा, नहीं तो कहानी बन जाएगी।शायद कुछ प्रयास तो तुमको भी करना होगा।पाना है कुछ तो पहले, खुद से ही लड़ना होगा।क्या मैंने…
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"मुहाना" by Vikrant Sharma
https://play.google.com/store/books/details?id=vaDrEQAAQBAJ मुहाने पर बैठ कर पहाड़ों को देख रहे हो।लग रहा है जैसे शीशा देख रहे हो।चलो ऐसे ख़यालों में खोना भी अच्छा है।जो भी भीतर है वो वैसे भी सच्चा है।यूँ ही कैसे कोई खुद को खो सकता है।खुद को छोड़ कर क्या किसी और का हो सकता है।नहीं, ये मुमकिन नहीं है,मैं हूँ वही, कहानी भी वही है।बस सब्र करो और कहानी बनने दो।बस मुस्कुराते हुए, खुद को रूहानी बनने…
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उम्मीद by Vikrant Sharma
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