कबीर, मार्ग चलै अधो गति, चार हाथ मांही देख। पर तरिया पर धन ना चाहै समझ धर्म के लेख।। भावार्थ:- भक्त मार्ग पर चलते समय नीचे देखकर चले। भक्त की दृष्टि चलते समय चार हाथ यानि 6 फुट दूर सामने रहनी चाहिए। धर्म-कर्म के ज्ञान का विचार करके परस्त्री तथा परधन को देखकर दोष दृष्टि न करे।














