For 12 bio students
Jules of Nature
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Three Goblin Art
Misplaced Lens Cap
will byers stan first human second

Kiana Khansmith

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Lint Roller? I Barely Know Her
Keni
macklin celebrini has autism
Show & Tell
Cosmic Funnies

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"I'm Dorothy Gale from Kansas"
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❣ Chile in a Photography ❣
almost home
we're not kids anymore.

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क्या आधार, वोटर आईडी, पैन कार्ड या राशन कार्ड भारतीय नागरिकता का प्रमाण हैं?
क्या आधार, वोटर आईडी, पैन कार्ड या राशन कार्ड भारतीय नागरिकता का प्रमाण हैं? संविधान और नागरिकता कानून की वास्तविकता लेखक : मनमोहन पुरोहित आज भारत में नागरिकता को लेकर सबसे अधिक भ्रम फैलाने वाले विषयों में से एक यह है कि यदि किसी व्यक्ति के पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड अथवा आयकर रिकॉर्ड है, तो वह स्वतः भारतीय नागरिक सिद्ध हो जाता है। सोशल मीडिया पर इस प्रकार के दावे अक्सर…
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तीजन बाई : जिसने पंडवानी को गाँव की चौपाल से विश्व मंच तक पहुँचा दिया
लोककला, महाभारत और भारतीय सांस्कृतिक चेतना की अमर स्वर-साधिका लेखक : मनमोहन पुरोहित भारत की लोक परंपराएँ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं; वे हमारी सभ्यता की स्मृति, समाज की आत्मा और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इन्हीं लोक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने वाली महान लोक कलाकार, पद्म विभूषण तीजन बाई का महाप्रयाण भारतीय संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने…
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हल्दीघाटी का संदेश: क्यों यह केवल महाराणा प्रताप की नहीं, पूरे समाज की लड़ाई थी? डॉ. मोहन भागवत ने रखा नया दृष्टिकोण
हल्दीघाटी का संदेश: क्यों यह केवल महाराणा प्रताप की नहीं, पूरे समाज की लड़ाई थी? डॉ. मोहन भागवत ने रखा नया दृष्टिकोण हल्दीघाटी : जब युद्ध केवल राजाओं का नहीं, पूरे समाज का संकल्प बन गया लेखक- मनमोहन पुरोहित मनु महाराज 18 जून 1576 का दिन भारतीय इतिहास के उन अमर अध्यायों में अंकित है, जिनमें पराक्रम से अधिक महत्व आत्मसम्मान और स्वाधीनता के संकल्प का है। सामान्यतः हल्दीघाटी के युद्ध को दो सेनाओं…
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हल्दीघाटी महासमर @450 : क्या अब इतिहास का सबसे बड़ा झूठ समाप्त हो चुका है?
हल्दीघाटी महासमर @450 : क्या अब इतिहास का सबसे बड़ा झूठ समाप्त हो चुका है? उदयपुर के बाहर भी दिखे उत्साह और उमंग महाराणा प्रताप की ऐतिहासिक विजय का पुनर्मूल्यांकन और हमारा सामाजिक दायित्व 18 जून 1576। भारतीय इतिहास की वह तिथि, जिसे वर्षों तक केवल एक युद्ध के रूप में पढ़ाया गया, जबकि वास्तव में वह राष्ट्रस्वाभिमान, सांस्कृतिक स्वतंत्रता और विदेशी साम्राज्यवाद के विरुद्ध प्रतिरोध का उद्घोष…
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समाज के भीतर संगठन नहीं, पूरे समाज का संगठन: क्यों निस्वार्थ सेवा में जुटे हैं संघ के स्वयंसेवक?
समाज के भीतर संगठन नहीं, पूरे समाज का संगठन: क्यों निस्वार्थ सेवा में जुटे हैं संघ के स्वयंसेवक? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने अस्तित्व के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक मोड़ पर अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर संघ के इस विशाल तंत्र का अंतिम लक्ष्य क्या है? और सबसे महत्वपूर्ण बात—देश के कोने-कोने में लाखों स्वयंसेवक दिन-रात निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में क्यों जुटे हुए हैं?इन…
जसपाल राणा: एक महान निशानेबाज, प्रेरणादायक गुरु और भारतीय शूटिंग का अमर व्यक्तित्व
जसपाल राणा: एक महान निशानेबाज, प्रेरणादायक गुरु और भारतीय शूटिंग का अमर व्यक्तित्व लेखक: मनमोहन पुरोहित मनु महाराज तिथि: 14 जून 2026 12 जून 2026 को जब भारतीय खेल जगत ने यह दुःखद समाचार सुना कि भारतीय निशानेबाजी के महानायक जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे, तो पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। मात्र 49 वर्ष की आयु में उनका निधन भारतीय खेल जगत, विशेषकर शूटिंग समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। वे केवल…
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नीस से उठी भारत की नवाचार क्रांति: Bharat Innovates 2026 क्यों है भारत का तकनीकी कुंभ?
नीस से उठी भारत की नवाचार क्रांति: Bharat Innovates 2026 क्यों है भारत का तकनीकी कुंभ? लेखक: मनमोहन पुरोहित मनु महाराज तारीख: 14 जून 2026 Bharat Innovates 2026 फ्रांस के नीस में आयोजित भारत का सबसे बड़ा वैश्विक डीप-टेक मंच है। जानिए कैसे IITs, स्टार्टअप्स, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक भारत को नवाचार महाशक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं। नीस से उठी भारत की नवाचार…
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थाईलैंड में उइगुरों को मौत की सजा: एरावन श्राइन बम ब्लास्ट से शिनजियांग के VETC केंद्रों तक पूरी कहानी
थाईलैंड की अदालत द्वारा दो उइगुरों को मौत की सजा, 2015 एरावन श्राइन बम विस्फोट, शिनजियांग VETC केंद्र, UN रिपोर्ट, जबरन मजदूरी और चीन-उइगुर विवाद का विस्तृत विश्लेषण। थाई अदालत का फैसला और 11 साल पुरानी त्रासदी 11 जून 2026 को थाईलैंड की साउथ बैंकॉक क्रिमिनल कोर्ट ने 2015 के एरावन श्राइन बम विस्फोट मामले में दो उइगुर (उयघुर) मूल के व्यक्तियों—यूसुफु मीराइली (Yusufu Mieraili) और बिलाल मोहम्मद…
RISE 2026 Conclave: प्रयोगशाला से बाजार तक भारत की नवाचार क्रांति का नया अध्याय
RISE 2026 Conclave में AI, एयरोस्पेस और एग्री-फूड नवाचारों के माध्यम से भारत की लैब-टू-मार्केट रणनीति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और विकसित भारत 2047 की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का विस्तृत विश्लेषण। RISE 2026 Conclave: प्रयोगशाला से बाजार तक भारत की नवाचार क्रांति का नया अध्याय प्रस्तावना: विज्ञान की सफलता का वास्तविक मापदंड किसी भी राष्ट्र की वैज्ञानिक क्षमता का मूल्यांकन केवल उसके शोधपत्रों,…
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बर्लिन का श्री गणेश मंदिर और विश्व में बढ़ती हिंदू संस्कृति की स्वीकार्यता : क्या 21वीं सदी भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण की सदी है?
“वसुधैव कुटुम्बकम् की ओर बढ़ता विश्व” जर्मनी की राजधानी बर्लिन में यूरोप के सबसे बड़े श्री गणेश मंदिर के उद्घाटन ने विश्व में हिंदू संस्कृति की बढ़ती स्वीकार्यता को नई पहचान दी है। जानिए कैसे योग, आयुर्वेद, रामायण, गीता और सनातन दर्शन वैश्विक समाज को प्रभावित कर रहे हैं। बर्लिन में गूंजा “गणपति बप्पा मोरया”, विश्व ने देखा सनातन का विस्तार 7 जून 2026 को जर्मनी की राजधानी बर्लिन के न्यूकोलन…
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हास्य से फूहड़ता तक: क्या मनोरंजन के नाम पर समाज अपनी मर्यादाएँ खो रहा है?
क्या स्टैंड-अप कॉमेडी, रियलिटी शो और सोशल मीडिया ने हास्य को फूहड़ता में बदल दिया है? जानिए कैसे द्विअर्थी संवादों से शुरू हुई यात्रा आज सामाजिक मर्यादाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को चुनौती दे रही है। हास्य से फूहड़ता तक: मनोरंजन की आड़ में मर्यादाओं का क्षरण भारतीय समाज में हास्य सदैव एक पवित्र और सकारात्मक अभिव्यक्ति माना गया है। हास्य का उद्देश्य केवल हँसाना नहीं, बल्कि तनाव दूर करना, जीवन में…
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विश्व को मार्ग दिखाएगा भारत : सत्य, धर्म, न्याय और ज्ञान पर आधारित विजयाकांक्षी समाज की सनातन अवधारणा
वैश्विक संघर्ष, युद्ध, आतंकवाद और नैतिक संकट के दौर में भारत की सनातन संस्कृति विश्व को सत्य, धर्म, न्याय, प्रकाश और ज्ञान का मार्ग दिखा सकती है। जानिए क्यों भारत 21वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व का स्वाभाविक केंद्र बन रहा है। विश्व को मार्ग दिखाएगा भारत “हमें ऐसे विजयाकांक्षी समाज का निर्माण करना है, जिसमें सत्य, धर्म, न्याय, प्रकाश और ज्ञान का सर्वोच्च स्थान हो।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…
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विश्व को मार्ग दिखाएगा भारत : सत्य, धर्म, न्याय और ज्ञान पर आधारित विजयाकांक्षी समाज की सनातन अवधारणा
वैश्विक संघर्ष, युद्ध, आतंकवाद और नैतिक संकट के दौर में भारत की सनातन संस्कृति विश्व को सत्य, धर्म, न्याय, प्रकाश और ज्ञान का मार्ग दिखा सकती है। जानिए क्यों भारत 21वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व का स्वाभाविक केंद्र बन रहा है। विश्व को मार्ग दिखाएगा भारत “हमें ऐसे विजयाकांक्षी समाज का निर्माण करना है, जिसमें सत्य, धर्म, न्याय, प्रकाश और ज्ञान का सर्वोच्च स्थान हो।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…
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विश्व को मार्ग दिखाएगा भारत : सत्य, धर्म, न्याय और ज्ञान पर आधारित विजयाकांक्षी समाज की सनातन अवधारणा
वैश्विक संघर्ष, युद्ध, आतंकवाद और नैतिक संकट के दौर में भारत की सनातन संस्कृति विश्व को सत्य, धर्म, न्याय, प्रकाश और ज्ञान का मार्ग दिखा सकती है। जानिए क्यों भारत 21वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व का स्वाभाविक केंद्र बन रहा है। विश्व को मार्ग दिखाएगा भारत “हमें ऐसे विजयाकांक्षी समाज का निर्माण करना है, जिसमें सत्य, धर्म, न्याय, प्रकाश और ज्ञान का सर्वोच्च स्थान हो।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के…
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4399 दिन का ऐतिहासिक पड़ाव: जब नरेंद्र मोदी बने सर्वाधिक काल तक चुने हुए प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4399 दिन पूरे कर नया इतिहास रचा। जानिए नेहरू और मोदी की राजनीतिक यात्रा, उपलब्धियाँ, लोकतांत्रिक जनादेश और भारत के बदलते राजनीतिक परिदृश्य का विस्तृत विश्लेषण। 4399 दिन का ऐतिहासिक पड़ाव: जब नरेंद्र मोदी बने सर्वाधिक काल तक चुने हुए प्रधानमंत्री- मनु महाराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4399 दिन पूरे कर सर्वाधिक काल तक चुने हुए…
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19 सांसदों का समर्थन और मोदी सरकार की बढ़ती शक्ति: क्या बदल जाएगा भारत का राजनीतिक समीकरण?
19 सांसदों का समर्थन और मोदी सरकार की बढ़ती शक्ति: क्या बदल जाएगा भारत का राजनीतिक समीकरण? पश्चिम बंगाल से दिल्ली तक: एक राजनीतिक भूचाल संसद भवन में चलती लोकसभा कार्यवाही भारतीय राजनीति में कभी-कभी ऐसे घटनाक्रम सामने आते हैं जो केवल किसी राज्य की सत्ता तक सीमित नहीं रहते, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा ही बदल देते हैं। यदि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 19 सांसद वास्तव में केंद्र की एनडीए सरकार का…
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