शिखर
तू शून्य से शिखर चढ़ तू सर्व गुण संपन्न बन तू कर्म कर तू धर्म कर तू शून्य से शिखर चढ़। देश को तू प्राण दे बड़ो को तू मान दे तू अजर और अमर बन तू शून्य से शिखर चढ़।
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Cosimo Galluzzi

shark vs the universe

Love Begins
Monterey Bay Aquarium

tannertan36
RMH
Claire Keane
we're not kids anymore.

⁂
he wasn't even looking at me and he found me

★

pixel skylines
🪼
I'd rather be in outer space 🛸
sheepfilms

祝日 / Permanent Vacation

Product Placement
Peter Solarz
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@megaajabgajab
शिखर
तू शून्य से शिखर चढ़ तू सर्व गुण संपन्न बन तू कर्म कर तू धर्म कर तू शून्य से शिखर चढ़। देश को तू प्राण दे बड़ो को तू मान दे तू अजर और अमर बन तू शून्य से शिखर चढ़।
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मनवीर के दोहे
मैं मुरख अति अज्ञानी, तुम बिन कौन जाने स्वामी सत्य की परख सत्य करे, सत्य को कौन विचार। सत्य –सत्य में भेद को , जाने सत्य आचार। सेना युद्ध करे रण में, असली युद्ध तो मन में। नाच नचावे नटुआ मन नचावे बटुआ
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विचार
दूसरों से तो जीत सकता हूं पर अपने मन से कैसे जीतें जो की हमारे सारे कमजोरी को जानता है। ************ “मनवीर” ***** **************************** ससुरा कमजोरी तो कमजोरी अपने अंदर की अच्छाई को भी नहीं छोड़ता है, रह – रह के सब की बैंड बजाता रहता है।
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जरूरत
जिधर देखो उधर जरूरतमंद है किसी को इसकी जरूरत , किसी को उसकी जरूरत है। किसी को दिन की जरूरत, किसी को रात की जरूरत, जिधर देखो उधर जरूरतमंद है । किसी को धन की जरूरत है, किसी को तन की जरूरत है। किसी को साथ की जरूरत है किसी को बात की जरूरत है। जिधर देखो उधर जरूरतमंद है। किसी को प्यार की जरूरत है, किसी को यार की जरूरत है। किसी को धन अंबार की जरूरत है, किसी को रोटी की जरूरत है, जिधर देखो…
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किससे कहे
किसको कहे हाले दिल ? यहां तो सभी हाल बेहाल है। किससे करे शिकायत ? यहां शिकायत सबको है। किसको राजदार बनाए? सभी को तलाश ए राजदार है। किससे करूं दुआ की उम्मीद? दुआ की जरूरत सबको है। किससे भाईचार ,किससे इंतकाम? यहां तो सभी का इंतजाम हुए बैठे हैं। मौत के दरवाजे पे दुश्मनी किससे निभाए? यहां तो सभी को इंतजार ए मौत है। ना सुबह की रौशनी रास आई , ना रात की चांदनी रास आई, जब से तेरा दीदार…
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जाने दो
अब छोड़ भी दो जाने दो हो गई है शाम सनम कल आऊंगी वादा है मत कर दीवानापन वादा ए मेरे महबूब मेरी दिलरुबा तेरे आने से रौशन हुई ये जहां है, क्यों तू जाने की जिद करती है। तेरे आने के वादे ,कई बार किए तूने, तू नहीं आती ,तो मेरी जान निकल जाती है अब छोड़ भी दो जाने दो हो गई है शाम सनम।
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फिर भी तेवर गया नहीं
ना तख्त रहा ना ताज रही, ना रहा कोई औकात, फिर भी तेवर गया नहीं। ना कुर्सी रही ना पद रहा, ना रहा कोई साथ, फिर भी तेवर गया नहीं। ना जवानी रही ना ताकत रहा, ना रही ओ बात, फिर भी तेवर गया नहीं। ना डाली रही ना तना रहा ना रही फूलों वाली बात, फिर भी तेवर गया नहीं। ना दिल रहा ना दिलबर रही, ना रहा कोई जज्बात , फिर भी तेवर गया नहीं। ना भविष्य रही बस इतिहास रहा, ना बचा कोई इंतकाम, फिर भी तेवर…
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तेरी भक्ति
तेरी भक्ति
तेरी भक्ति करूं तेरी पूजा करूं तेरे दर आके तेरा दर्शन करूं । मेरे मोहन .. मेरे मोहन तू ही विश्वास है, तू ही है प्रार्थना, तुझ में दिल ये लगा के तुझ से प्रेम करूं। Mohan तेरी भक्ति ……. तेरे दर आके….. मेरे मोहन… तेरी बातें सुनूं, तेरा ध्यान धरूं तेरी चरणों में रहकर तेरी सेवा करूं। तेरी भक्ति….. तेरे दर आके…. मेरे मोहन…..
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दयालु मां
आया हूं तेरी शरण में माता लेके ये आस पूरी करेगी मेरी मुरादे मन में है विश्वास मां मेरी मां ओ मां मेरी माता.. तेरी नजरों में रहना मुझको तुझ से दूर नहीं जाना मां मैंने सुना है सबसे माता करती है पूरी सबकी आशा मां मेरी मां ओ मेरी माता मां मेरी मां ओ मेरी माता शक्ति आया जो भी तेरे दर पे माता खाली झोली भरके पाता मैं भी आया तेरे दर पे माता तेरी चरणों में जगह पाने माता तू पूरी करेगी मेरी…
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किसके दर को जाऊं मां
तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां एक तेरा सहारा जगजननी,और किसे ध्याऊं मां तू कल्याणी , तू वरदायनी तू ही तो है मेरी मां जगजननी इक तेरा दर ही मेरा सहारा और किधर को जाऊं मां तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां तुझको नहीं तो किसको अपना दर्द सुनाऊं मां तेरे दर पे आके खड़ा हूं , तेरे चरणों में पड़ा हूं। तेरी मर्जी जो तू चाहे वर दे या तू खाली लौटा दे, तू ना सुनेगी तो कौन सुनेगा अपना…
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किसकी कविता
किसकी कविता किसकी कहानी हो किसने लिखा तुम्हे , किसकी जिंदगानी हो किसके यादों से निकली , किसकी तुम जबानी हो। यादें कितने अरमानों को अपने अंदर पाली हो, किसकी मुस्कुराहट किसकी बैचेनी हो, किसकी कविता किसकी कहानी हो। कितनी शिद्दत से निकली, कैसी पहेली हो, जब भी देखा तुम्हे लगती नई नवेली हो। किसकी कविता किसकी कहानी हो।
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जब हम होते तेरे साथ
होती कई तरह के बात, ना घायल होते जज्बात, जब हम होते तेरे साथ, जब हम होते तेरे साथ। इसमें ना तेरा हाथ, फिर क्या करूं बात, रहता तेरा साथ, करते दिन रात बात, सुख दुख में निभाते साथ, जब हम होते तेरे साथ। जब हम होते तेरे साथ। उदास तू समझती मेरी बात, मैं समझता तेरी बात, होते कैसे भी हालात, हम निभाते एक साथ, दिन दोपहर या घनेरी रात, जब हम होते तेरे साथ, जब हम होते तेरे साथ। जब हम होते…
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विकल्प
जिंदगी हो या जंग हो विकल्प हमेशा दो आते हैं जंग में जाने के वक्त हमेशा दो विकल्प होते हैं या तो आप जंग में जाओ या तो पीछे हट जाओ, अगर जंग में जाते हो तो भी दो विकल्प सामने होते है हारो या जीतो। जिंदगी के हर क्षेत्र हमेशा ही दो विकल्प मिलते हैं, विकल्प कई बार ऐसा लगता है हमारे पास कई सारे विकल्प है लेकिन होते हैं केवल दो जैसे परीक्षा में एक प्रश्न के उत्तर में चार विकल्प होते है परंतु होते…
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दिल तोड़ के
जाओ जाओ ना छोड़ के तुम, ये मेरा दिल तोड़ के। क्या है मुश्किल ये मैं जानू, जाना ना मुझको छोड़ के, जाओ जाओ ना छोड़ के तुम, ये मेरा दिल तोड़ के, तेरे लिए ये दिल धड़के छोडूंगा न मैं मर के। जाओ जाओ ना छोड़ के तुम, ये मेरा दिल तोड़ के। तुम करो ना वफा, मैं करूंगा वफा, तुम अपने वादों से मुकर जाओ, मैं निभाऊंगा अपना वादा। जाओ न छोड़ के तुम, ये मेरा दिल तोड़ के।
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गिरगिट
जैसे गिरगिट रंग बदलती है, वैसे तुम भी रंग बदलती हो। तेरे रंग तेरे ढंग है बड़े निराले, ये कितनों को यूं ही मार डाले। तेरा चलना ,तेरा हंसना, हाय कयामत ही लाए। जैसे गिरगिट रंग बदलती है, वैसे तुम भी रंग बदलती हो। गिरगिट बातें किसी से ,किसी से है मिलना, मुहब्बत किसी से , है दिल किसी का। कितनों का दिल है तोड़ा , कितनों से मुंह मोड़ा, कैसे वफा निभाती हो। जैसे गिरगिट रंग बदलती है, वैसे तुम…
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किसका दर्द
किसका दर्द सुनूं मैं, किसको दर्द सुनाऊं, सब हैं आंखों के अंधे , किसको जख्म दिखाऊं? कौन है यहां चैन से? किसे बैचेनी दिखाऊं। किसका दर्द सुनूं मैं? किसको दर्द दिखाऊं। बैचैनी ना तो कोई हंसता यहां ना ही कोई खुश है दुनिया के झमेले में तो हर आदमी गुम है। दिन तो बीतता नहीं कैसे रात बिताऊं? किसका दर्द सुनूं मैं? किसको दर्द सुनाऊं? दर्द फुरसत नहीं किसी को, यहां अपनों के लिए, क्या खाक…
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नाराजगी
किस बात से नाराजगी है? किस बात का मलाल है? क्या हो गया है आपको? क्यूं खफा खफा से लगते हो ? क्या राज है जो आम है ? क्यों तन्हा तन्हा बैठे हो ? किस बात से नाराजगी है? किस बात का मलाल है? नाराजगी क्या प्यार में धोखा मिला? या प्यार में धोखा दिया आपने कितना प्यार था,कितनी मुहब्बत थी? सब भूल कर ये क्या कर लिया? किस बात की शर्मिंदगी है? किस बात का बबाल है? क्या दर्द है,क्या सवाल है? किस…
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