जब जब धर्म का विनाश हुआ और अधर्म अपनी चरम सीमा पर पंहुचा तब तब अधर्मियों के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए भगवान समय समय पर अवतार लेते रहे है
जब जब धर्म का विनाश हुआ और अधर्म अपनी चरम सीमा पर पंहुचा तब तब अधर्मियों के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए भगवान समय समय पर अवतार लेते रहे है यू तो भगवान अभी तक अनेक अवतार ले चुके है कभी वामन बन कर राजा बली की परीक्षा ली,तो कभी मत्स्य बन कर राजा मनु की नाव खींची कभी वरह बन धरा को धारण किया तो कभी नरसी बन भक्तो की रक्षा करी।






