अयोध्या: भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए तांबे की पत्तियों की जरूरत, ट्रस्ट ने की भक्तों से दान करने की अपील
चैतन्य भारत न्यूज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों से मंदिर निर्माण में अपना योगदान करने की अपील की है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ट्वीट कर बताया कि, हमने 10 हजार ताबें की पत्तियां दान करने की लोगों से अपील की है। For Mandir construction, copper plates will be used to fuse stone blocks with each other. The plates should be 18 inches long, 30 mm wide & 3 mm in depth.10,000 such plates may be required in total structure. We call upon Shri Rambhakts to donate such copper plates to the trust. — Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) August 20, 2020 2023 तक पूरा हो सकता है निर्माण कार्य श्री राम जन्मभूमि भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। CBRI रुड़की और IIT मद्रास के साथ मिलकर निर्माणकर्ता कंपनी L&T के अभियंता भूमि की मृदा के परीक्षण के कार्य में लगे हुए है। मंदिर निर्माण के कार्य में लगभग 36-40 महीने का समय लगने का अनुमान है। यानी 2023 तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो सकता है। मंदिर निर्माण में लगेगी 10 हजार तांबे की पत्तियां और रॉड श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ट्वीट करके बताया कि, 'मंदिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की पत्तियों का उपयोग किया जाएगा। निर्माण कार्य हेतु 18 इंच लम्बी, 3 mm गहरी और 30 mm चौड़ी 10,000 पत्तियों की आवश्यकता पड़ेगी। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र श्रीरामभक्तों का आह्वान करता है कि तांबे की पत्तियां दान करें।' मन्दिर निर्माण में लगने वाले पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे की पत्तियों का उपयोग किया जाएगा। निर्माण कार्य हेतु 18 इंच लम्बी, 3 mm गहरी और 30 mm चौड़ी 10,000 पत्तियों की आवश्यकता पड़ेगी। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र श्रीरामभक्तों का आह्वान करता है कि तांबे की पत्तियां दान करें। — Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) August 20, 2020 तांबे की पत्तियों में लिखा सकते हैं दानकर्ता अपना नाम ट्रस्ट ने यह भी बताया कि, भक्त चाहे तो इन तांबे की पत्तियों पर अपने परिवार, क्षेत्र अथवा मंदिरों का नाम गुदवा सकते हैं। इस प्रकार से ये तांबे की पत्तियां न केवल देश की एकात्मता का अभूतपूर्व उदाहरण बनेंगी, अपितु मंदिर निर्माण में सम्पूर्ण राष्ट्र के योगदान का प्रमाण भी देंगी। प्राचीन पद्धति के तौर पर किया जाएगा मंदिर का निर्माण श्री रामजन्मभूमि मन्दिर का निर्माण भारत की प्राचीन निर्माण पद्धति से किया जा रहा है ताकि वह सहस्त्रों वर्षों तक न केवल खड़ा रहे, अपितु भूकंप, झंझावात अथवा अन्य किसी प्रकार की आपदा में भी उसे किसी प्रकार की क्षति न हो। मन्दिर के निर्माण में लोहे का प्रयोग नही किया जाएगा। इस कारण किया जा रहा है तांबे का इस्तेमाल जानकारी के मुताबिक, पुराने समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल तांबे और कांसे का किया जाता था। क्योंकि निर्माण के दौरान यह पानी से बिल्कुल भी प्रतिक्रिया नहीं करता है। इसके साथ ही यह धीरे-धीरे ऑक्साइड बनाता है। वहीं दूसरे और अगर लोहे की बात करें तो पानी के संपर्क में आते ही जंग लग जाती है। वहीं तांबा लोहा के उलट ऑक्साइड धातु के ऊपर बनाता है जिसके कारण ऑक्सीकरण भी रूक जाता है। जिससे इससे बनाई गई इमारत हजारों साल ऐसे ही खड़ी रहती हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के बैंक खातों की जानकारी तथा दान करने की प्रक्रिया का विवरण निम्नानुसार है। Details of the bank accounts of Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra and various ways of donation are mentioned below. जय श्री राम! Jai Shri Ram! pic.twitter.com/6MrVfKMft4 — Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) August 12, 2020 मंदिर निर्माण में ऐसे करें आर्थिक योगादान जो भी भक्त मंदिर निर्माण के लिए दान देना चाहता है वह राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम से एक बैंक अकाउंट पर ट्रांसफर कर सकते हैं। यह अकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। Read the full article
















