161 फीट ऊंचा होगा तीन मंजिला राम मंदिर, 2023 तक होगा तैयार, श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित पार्क बनेगा
चैतन्य भारत न्यूज
अयोध्या. अयोध्या के राम मंदिर निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राम मंदिर का भूमि पूजन 5 अगस्त को होना है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शामिल होंगे। भूमि पूजन समारोह तीन दिवसीय है। 5 अगस्त 8 बजे सुबह से अंतिम अनुष्ठान होगा।
15 फीट गहरी होगी नींव
जानकारी के मुताबिक, मंदिर को पिछली डिज़ाइन में तय ऊंचाई से ज्यादा ऊंचा बनाया जा रहा है। अब राम मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। पहले इसकी ऊंचाई 141 फीट तय की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर की नींव 15 फीट गहरी होगी। राम मंदिर की नींव में 8 लेयर होंगे। 2-2 फीट की एक लेयर होगी। नींव का प्लेटफॉर्म तैयार करने में कंक्रीट, मोरंग का इस्तेमाल होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राम मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा। राम मंदिर तीन मंजिल का होगा- भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल।
तीन मंजिला मंदिर में होंगे 318 खंभे
नए मॉडल के मुताबिक राम मंदिर 10 एकड़ में बनेगा। शेष 57 एकड़ को राम मंदिर परिसर के तौर पर विकसित किया जाएगा। तीन मंजिला मंदिर में 318 खंभे होंगे और हल तल पर 106 खंभे बनाए जाएंगे। राम मंदिर परिसर में नक्षत्र वाटिका बनाई जाएगी, 27 नक्षत्र के वृक्ष लगाए जाएंगे। नक्षत्र वाटिका का बनाने का मकसद है कि अपने अपने जन्मदिन पर लोग अपने नक्षत्र के हिसाब से पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान लगा सकें और राम मंदिर परिसर में पूजा अर्चना कर सकें। राम मंदिर परिसर में वाल्मीकि रामायण में वर्णित वृक्षों को भी लगाया जाएगा और इनका नाम भी वाल्मीकि रामायण के आधार पर ही रखा जाएगा।
भगवान राम के जीवन चरित्र पर आधारित पार्क बनेगा
राम मंदिर में परिसर में रामकथा कुंज पार्क भी बनेगा जो भगवान राम के जीवन चरित्र पर आधारित होगा। राम मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान मिले अवशेषों का संग्रहालय भी बनाया जाएगा। गोशाला, धर्मशाला, अन्य मंदिर बनाए जाएंगे। राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए ताम्रपत्र तैयार कराया जा रहा है। ताम्रपत्र पर संस्कृत भाषा में राम मंदिर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी लिखी होगी। ताम्रपत्र पर मंदिर का नाम, स्थान, नक्षत्र, समय लिखा होगा, जिसे नींव में रखा जाएगा। सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों की मिट्टी और नदियों के जल से भूमि पूजन किया जाएगा। राम मंदिर में परिसर में 2 परिक्रमा केन्द्र भी बनाए जाएंगे। पहली परिक्रमा गर्भगृह की होगी और दूसरी परिक्रमा राम मंदिर की होगी। मंदिर का निर्माण कार्य साल 2023 तक पूरा हो सकता है।
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