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鑁阿寺
It is the day dedicated to the most inspiring hero of all times who defined love for the nation in the most special way. Happy Maharana Pratap Jayanti.
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विरासत से तय नहीं होंगे सियासत के फ़ैसले ! ये तो उड़ान तय करेगी आसमान किसका है !! जय माताजी री सा🚩 ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Tag friend..😊😊 ♥Like ✍comment 💌share . . . Follow.... @mr.shaktisinh_parmar . . . . . #bannaji #rajwadi #royal #rajput #jeep_lover #royalenfield #क्षत्रिय #Maharana #Rajputana #ranbhumi #kshtriya #baisa #banna #maharana #maharanapratap #shivaji #rajputana #beinghukum #beingbanna #darbar #Rajputana #partihar #jamnagar #Rajput #bannasa #royal #kshtriya #bannaji #kshtrani #jodhpur #bapu #shaktisinh #shaktisinh_parmar #parmar #jamnagar (at Jamnagar Gujrat India) https://www.instagram.com/p/CPNLeawlfnE/?utm_medium=tumblr
अंग्रेजो के राज्यविस्तार में इनका भी बड़ा हाथ था हिन्दुस्तान जीत कर जब ब्रिटिश राजनीतिज्ञ अफगानिस्तान और ईरान में अपने पांव फैला रहे थे, तब सर अलेक्जेंडर वर्न्स ने सन 1837 में एक व्यापारी खानदान की प्रशंसा में लिखा -- "स्वरुपचंद गुप्त शालिवर्मा के वंशज काबुल कंदहार, समरकंद, हिरात और अन्य स्थानों के एशियाई लोगों की गतिविधियों पर सतर्क होकर नजर रखते हैं और ब्रिटिश अधिकारियों के लाभ के लिए अपनी जानकारी भेजते रहते हैं. तमाम युद्ध, संधि और सैनिक बातों की व्यवस्था उनकी जानकारी पर ही अवलम्बित रहती है, इसीलिए सरकार उनकी बहुत ऋणी है ।" यह व्यापारी अथवा वणिज वर्ग ब्रिटिश सरकार के बड़े विश्वसनीय और राजनिष्ठ लोग थे । इनकी दी गयी जानकारी सही और विश्वसनीय होती थी। लार्ड एलिनवरा ने सन्1844 में जो मदद व्यापारियों द्वारा प्राप्त हुई, उस संदर्भ में लिखा है -- "आप मेरे ही नहीं, जिस सरकार का मैं प्रतिनिधि हूं, उसके भी सच्चे मित्र हैं। उस सरकार के कल्याण के लिए और पूर्वीय देशों में उसका राज्य कायम करने में जो सेवा आपकी तरफ से हुई है, उसे हम कभी नहीं भूल सकते। राजपूतो के विरुद्ध युद्धों में तथा मेरे शासन काल के दूसरे युद्धों में, अंग्रेज अधिकारियों को जिस सबसे बड़ी अर्थात् आर्थिक सहायता की जरुरत थी, वह आपने बहुत उदारता के साथ की ।" सन् 1765 में लार्ड क्लाइव का प्रमाण पत्र बंगाल के सेठ अमीरचंद गुप्त के घराने के लिए । क्लाइव लिखता है - " आप लोगों ने पचास लाख रुपये इकट्ठा करके जगह - जगह मकान बनवाकर पूर्वी देशों की खबरें भेजने के लिए डाक बांटने का जो निश्चय किया है, उसे सुनकर मुझे बड़ी खुशी हुई है। आपने खुद अपना रुपया लगाकर लोगों को जो हमारे छत्र के नीचे लाने की आयोजना की है, उसे सुनकर भी मुझे बड़ा आनन्द हुआ है। खासकर अरकाट में आपने और आपके लोगों ने जो सहायता की है, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। " 1817 की लड़ाई में पूना विजय कराने में गुप्त खानदान के योगदान को स्वीकारते हुए जेनिन्स लिखता है ---- "आपने एक अत्यंत महत्वपूर्ण, गुप्त खबर ऐसे ऐन मौके पर दी कि उसके बिना हमें विजय पाने में बहुत समय और परिश्रम लगता । " ग्वालियर विजय में स्वरुपचंद की सहायता से अभिभूत ग्वालियर विजेता अपने 1782 ईसवी के पत्र में लिखता है -- "अभेद्य और दुर्गम किले को जितने में आपकी हार्दिक सहायता न होती तो किसी भी दशा में वह किला जीता नहीं जा सकता था। किले में प्रवेश करने के गुप्त मार्ग की जानकारी आपने बड़े परिश्रम से जुटाई है । #rajput #rajputana #bannaji (at Jamnagar) https://www.instagram.com/p/COQAmnSFsU4/?igshid=186dad8yx13ii