नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी के अभियान से जुड़कर दुनिया में शांति और मानवता का उजियारा बिखेरेंगे अमन
बागपत दिनांक 24 मई 2025 — जब पूरी दुनिया तकनीक और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में आगे बढ़ रही है, तब भारत का एक युवा शांतिपूर्वक कहता है – “अब समय है करुणा से नेतृत्व करने का।” ये आवाज़ है बागपत, उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव ट्योढ़ी से निकले अमन कुमार की, जिनका चयन नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा शुरू किए गए वैश्विक कार्यक्रम सत्यार्थी समर स्कूल 2025 के लिए हुआ है। दुनिया के 22…














