"आजतक" के डिज़िटल पेज की हैडलाइन पढ़िए... और इस लेख के रिपोर्टर का नाम पढ़िए.... आपको समझ आएगा कि... इस समय कई मुसलमान रिपोर्टर किस हद तक मुस्लिम भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं....! किस तरह से वामपंथी बेवकूफों और मोदीअंधविरोधी चपड़गंजुओं के बहकावे पर मासूम लोग भी #CAA का विरोध कर रहे हैं... बिना ये जाने कि... ये कानून आखिर है क्या...? अपनी 29 दिन की बच्ची को धरने में ये माँ इस डर से यहाँ लाई है कि कहीं उसे और उसकी बच्ची को भारत से निकालकर पाकिस्तान जैसे गंदे देश भेज दिया जाएगा.... इस माँ के लिए #CAA__ का मतलब यही है... और ये झूठ मोदीअंधविरोधियों, वामपंथियों और कांग्रेसियों ने फैलाया है.. और हजारों लाखों मुसलमानों को इस डर से ठंडी रातों में सड़क पर ला दिया है कि उन्हें उनके देश से बाहर निकाल दिया जाएगा... और इन आम मुसलमानों के लिए #CAA_का मतलब यही है.. 29 दिन की मासूम सी बच्ची को इस कड़ाके की ठंड में धरने में लाकर ये अबोध माँ क्या जानती होगी कि... पाकिस्तान बांग्लादेश के गैरमुस्लिमों की कई बच्चियाँ जवानी की दहलीज तक आते आते बलात्कार का शिकार हो जाती हैं... जबर्दस्ती मुसलमान बना दी जाती हैं.... कोठों में बिठा दी जाती हैं... कट्टरपंथी मुसलमानों की इसी हैवानियत के कारण..... इन गैरमुस्लिमों की बच्चियाँ घर की चारदीवारियों में बंद रहने को मजबूर रहती हैं... उनके इस दर्द को महसूस कर ही मोदी सरकार ने #CAA_ पास किया है ताकि उन्हें जहन्नुम की जिंदगी से निकालकर उनके पूर्वजों के देश भारत की नागरिकता देकर जन्नत जैसी जिंदगी ना सही, कम से कम मामूली इंसान की ही जिंदगी नसीब हो जाए....! प्लीज़... 29 दिन की मासूम बच्ची को ... राजनैतिक हाथों का खिलौना ना बनने दें... आम मुसलमानों को ठंडी रातों पर सड़क में लाकर अपना उल्लु मत सीधा कीजिए..... इन्हें समझाइए.. कि ये कानून पीड़ितों को इंसान की जिंदगी देने के लिए है... अपने नागरिकों को बाहर निकालने के लिए नहीं.....!😢 #IndiaSupportCAA https://www.instagram.com/p/B6yAD9CpAHW/?igshid=1g5sgz6jp7xqt












