मुनाफ़े वाली मिर्च की खेती के लिए किन बातों का ध्यान रखना है ज़रूरी? जानिए किसान प्रेम पाल से
30 सालों से कर रहे मिर्च की खेती
मिर्च एक प्रमुख नगदी फसल है। मिर्च की खेती किसानों को लखपति बना सकती है, अगर वो सही तरीके से इसकी खेती करें।
मिर्च की खेती (Chilli Farming): मिर्च का इस्तेमाल सदियों से मसाले के रूप में किया जाता है। भारतीय घरों में तो मिर्चे के बिना काम ही नहीं चलता है। ये एक ऐसी फसल है, जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है, इसलिए मिर्च की खेती किसानों के लिए फ़ायदेमंद होती है।
भारत में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उड़ीसा, तामिलनाडू, बिहार, उत्तर प्रदेश और राज्यस्थान में बड़े पैमाने पर मिर्च की खेती की जाती है। वैसे तो मिर्च की खेती हल्की और भारी दोनों तरह की मिट्टी में की जा सकती है, मगर अच्छी जल निकासी वाली हल्की मिट्टी में उपज अधिक मिलती है। मिर्च की खेती से अधिक मुनाफ़े के लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है इस बारे में किसान ऑफ़ इंडिया के संवाददाता सर्वेश बुंदेली ने बात की किसान प्रेम पाल से और जानी मिर्च की खेती से जुड़ी कुछ बहुत ज़रूरी बातें।
30 सालों से कर रहे मिर्च की खेती
करीब 30 साल पहले परिवार का खर्च चलाने के लिए खेती की शुरुआत करने वाले प्रेम पाल का कहना है कि उन्होंने मज़बूरी में मिर्च की खेती शुरू की थी, मगर इससे होने वाले मुनाफ़े को देखने के बाद उन्होंने इसे जारी रखा। 30 सालों से उनका खेती का सफर बदस्तूर जारी है। फिलहाल हो सीताफल, तोरी, घिया, मक्का, मेथी पालक जैसी सीज़नल सब्ज़ियों की भी खेती करते हैं। इन सबके साथ 2 बीघा ज़मीन पर मिर्च की खेती कर रहे हैं।
4 महीने में तैयार होती है पौध
मिर्च की खेती सीधे खेतों में बीज डालने की बजाय नर्सरी में इसकी पौध तैयार करके की जाती है, क्योंकि ये बहुत ही नाज़ुक होते हैं। प्रेम पाल बताते हैं कि नर्सरी से हमेशा बड़े पौध को खेत में लगाना चाहिए, क्योंकि छोटी पौध पानी में डूबकर मर सकते हैं।
आगे उन्होंने बताया कि पौध को तैयार होने में करीब 4 महीने का वक्त लगता है। इसके बाद पौधों को जब खेत में लगा दिया जाता है, उसके 2.5 महीने बाद उसमें फल आने लगते हैं, जो 6-7 महीने तक चलते हैं। वो कहते हैं कि जब फसल की तुड़ाई शुरू होती है, तो 5-6 दिनों में तुड़ाई करनी चाहिए और सिर्फ़ बड़ी मिर्च को ही तोड़ना चाहिए, छोटी को छोड़ देना चाहिए।