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बाइक से टकराकर हुई बछड़े की मौत, प्रायश्चित के लिए पंचायत ने सुनाया नाबालिग बेटी की शादी का फरमान
चैतन्य भारत न्यूज विदिशा. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पंचायत के फरमान पर एक शख्स अपनी नाबालिग बेटी की शादी करवाने जा रहा था। दरअसल, शख्स की एक गलती से बछड़े की जान चली गई थी, जिसके बाद पंचायत ने उसे प्रायश्चित करने के लिए यह फरमान सुनाया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || ).push({}); गलती से हो गई थी बछड़े की मौत जानकारी के मताबिक, कुछ महीने पहले एक शख्स अपने दोपहिया वाहन से कहीं जा रहा था। तभी अचानक एक बछड़ा बीच रोड़ में आ गया और शख्स की गाड़ी से टक्कर होकर उसकी मौत हो गई। इसके बाद उस शख्स ने गंगा स्नान किया और फिर ग्रामीणों दावत देने के लिए राजी हो गया। लेकिन ग्रामीणों ने इससे इनकार कर दिया और कहा कि उसे अपनी नाबालिग बेटी की शादी करनी होगी। आज भी प्रचलित है प्रथा दरअसल, मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में यह प्रथा आम है कि यदि किसी शख्स से गलती से कोई गाय मारी जाती है तो उस पर सामाजिक प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं। इन प्रतिबंधों में या तो उस शख्स को गंगा स्नान करके ग्रामीणों को दावत देनी होती है और या फिर कभी-कभी उसे अपनी नाबालिग बेटी की शादी करने को कहा जाता है। पंचायत फैसला लेते समय लड़की की उम्र नहीं देखती है। गलती से गाय की हत्या करने वाले शख्स को ग्रामीण अपराधी की नजर से देखते हैं। उनका कहना है कि इस पाप से छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय कन्यादान ही है। प्रशासनिक टीम ने रूकवाई शादी ग्रामीणों के कहने पर वह शख्स भी अपनी नाबालिग बेटी की शादी करवाने को तैयार हो गया। जैसे ही राज्य महिला और बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग और पुलिस टीम को यह सूचना मिली कि लड़की नाबालिग है तो वह शुक्रवार को तुरंत गांव पहुंच गई। फिर लड़की के परिवार ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया और यह स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि लड़की नाबालिग है। लड़की का जन्म वर्ष 2007 डब्ल्यूसीडी की पर्यवेक्षक अनीता मौर्य ने कहा कि, 'सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने उनसे बाल विवाह के बारे में जांच करने के लिए गांव में जाने को कहा है। लड़की और उसके माता-पिता अनपढ़ हैं और अपने दावे का समर्थन करने के लिए दस्तावेज नहीं दे सके। आधार कार्ड में लड़की की जन्म तिथि 1 जनवरी, 2007 की है जिसके अनुसार वह नाबालिग है।' नाबालिग के परिवार से लिखित में लिया बयान मौर्य के मुताबिक, जब उनकी टीम गांव पहुंची तो वहां लड़की की शादी की तैयारियां हो रही थी। घर में बहुत सारे रिश्तेदार भी थे। दूल्हा आने ही वाला था। लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस के पहुंचने से विवाह संपन्न नहीं हो सका। डब्ल्यूसीडी की टीम ने लड़की के परिवारवालों से लिखित में लिया कि, 18 वर्ष की होने तक लड़की की शादी नहीं होगी। टीम ने परिवार के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। Read the full article