Death Dealing - ज़रूरी नहीं है कि हमारे नेता जो कुछ सिखाएं, वहीं सही हो. क्या हमारे हुक्मरान राजनीति के नाम पर मौत की सौदागिरी नहीं कर रहे ?
“ऐसी राजनीति, जिसमें आम जनता की मंजूरी के पीछे सेवाभाव या नीतिगत कर्तव्यपरायणता न होकर उनका ध्यान बटानें, विभाजन या फिर छिछले वादे जैसे हथकंडे हो तो इसे राजनीति न कहकर सर्कस कहा जाना चाहिए ।”














