"हालात बद नहीं है हमारे यहां बद से भी बदत्तर है, किस बात की बधाई और शुभकामना है स्वतंत्रता और गणतंत्र की", नहीं पता कि सरकार, प्रशासन और आम लोग इतने संवेदनहीन कैसे हो सकते हैं, क्या संवेदना नाम की कोई चीज़ ही नहीं बची है आपके जहन में, मानवता और नैतिक मूल्यों का कोई मोल नहीं....?? विद्यालय से स्कॉलरशिप पुरुस्कार के बाद तुरंत ही इलाहाबाद की ट्रेन पकड़ी, ग्राउंड लेवल पर सच्चाई देखिये, मेरा और मेरे NGO का उद्देश्य निस्वार्थ सेवा है ज्यादा फ़ोटो नहीं डालूंगा बस कुछ छवि है नीचे अंदाज़ा आप स्वयं लगा लीजिये, आपकी सहूलियत के लिये रेड मार्क भी कर दिया है, ये जो रेड मार्क में छोटे छोटे बच्चे दिख रहे हैं न ये हैं हमारा भविष्य, भारत के भविष्य के सूत्रधार, मुझसे जितना हो सकता है मैंने किया पर मुझे पता है मैं देश नहीं बदल पाऊंगा पर जितना भी हो सके प्रयास अवश्य करूँगा सिर्फ एक छवि है नीचे और साथ में कई अलग अलग दूर से ली गयी, Kavya और निहारिका का बहुत सहयोग मिला, खैर अब शब्द नहीं है बस बहुत विचलित हूँ अभी, हम आप जब रूम हीटर जलाकर अपनें रजाइयों में आराम से अपनें परिवार के साथ दुबक कर सोते हैं और इनके पास...?? अच्छा खाना, रंग बिरंगे वस्त्र, तरह तरह के संसाधन है हमारे पास, वैसे इनके पास भी बहुत कुछ है जैसे नंगा बदन, भूखा पेट, संस्कारविहीन जीवन, अशिक्षित और अंधेरों से भरा भविष्य, आप भी अंदाज़ लगाइये क्या होगा भारत का भविष्य और क्या हम वास्तव में मनुष्य है या मनुष्य के रूप में संवेदनहीन भेड़िये, बस अंत में एक गुज़ारिश है आप सब से कम से कम जितना हो सकता है आपसे, जितना आप सक्षम और समर्थ है उतना जरूर करें, संवेदनशीलता का यही एक गुण आपको मनुष्य बनाता है....!! Nanhe Pankh Foundation - नन्हे पंख फाउंडेशन #ErSpreadingHappiness @er.ravisutanjani_official (at Allahabad, India)
















