प्रश्न : सोये हुये भाग्य को कैसे जगाए ? उत्तर : श्रीमद्भगवत गीता में लिखा हुआ है कि कर्म ही सबसे श्रेष्ठ है कर्म करते जाओ और फल की इच्छा न करो l हर धर्मग्रंथ में इसकी व्याख्या की गई है कि कर्म ही पूजा है, लेकिन कुछ लोग कहते है कि कर्म तो भाग्य रेखा में लिखा होता है l आइए इस कथन को ऐसे समझते है, कर्म और भाग्य एक ही गाड़ी के दो पहिए है अगर एक इंसान को हम गाड़ी मान लें तो उसे चलाने वाले दो पहिए कर्म और भाग्य है l जब भी दुख में किसी की वजह से कोई काम पूरा हो जाता है तो उसे कहा जाता है कि ये हमारी जिंदगी में भगवान बनकर आया है l पऱमात्मा धरती पर प्रत्यक्ष रूम से सामने आकर किसी को वरदान नहीं देते है l ऐसे में वो जिनको भेजते है वहीं भगवान होते हैl या यूं कहें कि जो लोग हमे सही रास्ता दिखाते, बताते है या फिर सहायता करते है उनसे बड़ा भगवान इस धरती पर कोई नहीं हैl उपाय :- कभी भी अपने काम का श्रेय खुद को न दें हमेशा ऐसा ही कहे की ये जो भी हो रहा सब भगवान की ही वजह से हो रहा मैं तो सिर्फ एक निमित्त हूँ और हर काम की सफलता पर भगवान को धन्यवाद जरूर दें l #gurumantra #guru #guruji #gurudev #gdvaahist #lalkitab #astrologer #Astrology https://www.instagram.com/p/BvRRa0tF7wd/?utm_source=ig_tumblr_share&igshid=njjj9y2n8pdr











