#मांस_खाना_हराम
मुस्लिम बंधु पूरे दिन भूखे प्यासे रहकर पांच वक्त की नमाज पढते हैं, अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और शाम को पेट भरने और जीभके स्वाद के लिए निर्दोष जानवरों को हलाल करके उन्हें पका कर खाते हैं। सुबह अल्लाह से माफी शाम को पाप करते हैं।
कबीर, गला काटि कलमा भरे,कीया कहै हलाल।
साहिब लेखा मांगसी, तब होसी कौन हवाल ।।











