(((परमेश्वर जैसा प्रेम)))
सब को जय मसीह की।
जो प्रेम करता है वो परमेश्वर में बना रहता है। बाइबिल कहती है कि हमारा जो विश्वास है वो प्रेम के बिना प्रभावशाली नहीं होता।
...परन्तु केवल विश्वास, जो प्रेम के द्वारा प्रभाव डालता है। गलातियों 5:6
क्यूं हमें प्रेम में चलना मुश्किल लगता है जबकि वचन कहता है कि परमेश्वर का प्रेम, ईशवरीय प्रेम पवित्र आत्मा के द्वारा हमारे हृदय में उंडेला गया है। (रोमियों 5:5) जब तक हम इस बात को नहीं समझते कि परमेश्वर ने हमसे कितना प्रेम किया है तब तक हम दुसरों से भी प्रेम नही कर सकते।
जब आप इस बात को गौर से सोचेंगे कि जब मैं पाप में था, गुनाह में था तब भी परमेश्वर ने मेरे साथ कितना धीरज से बर्ताव किया, मुझे गले लगाया, नया जन्म दिया, मुझे परमेश्वर का बेटा/बेटी होने का अधिकार दिया। जब आप इस प्रकार से अपने मन को नया करेंगे तो आप भी दूसरों के साथ धीरज वाला बर्ताव कर पाएंगे, उनके पाप क्षमा कर पाएंगे, उनको गले लगा पाएंगे। क्योंकि फिर आप अपने दिमाग या शरीर से नहीं बल्कि अपनी आत्मा और नए किये हुए हृदय से सोचेंगे।
मेरे प्यारे भाईयो और बहनों प्रभु का वचन कहता है कि जो अपने भाई (इस आयत में जहां भाई लिखा है वहां पे आप किसी भी जायज़ रिश्ते को लगा सकते है क्योंकि परमेश्वर आपको किसी से भी नफ़रत करने की इजाज़त नहीं देता) को नफरत करता है वो हत्यारा है और उसमें अनंत जीवन नहीं है (1 यूहन्ना 3:15)
परमेश्वर से कहें कि वो आपको एक माफ़ करने वाला व्यक्ति बनने में मदद करे। उससे अनुग्रह माँगे।
प्रभु आप सबको आशीष दे।
बलजीत सिंह













