Posted @withregram • @manavkaul एक उम्र में लगता था कि हम ही गोदो ( #Godot )हैं। बस हम वहाँ नहीं पहुँच पा रहे हैं, जहाँ हमारा इंतज़ार हो रहा हैं। लगता था कि बस एक बार वहाँ पहुँच जाएँ, जहाँ लोग हमें देखते ही कह दें, ‘‘बताओ कब से हम सब तुम्हारे इंतज़ार में थे।’’ . . फिर एक दिन जब हम बड़े हुए तो अचानक रुक गए, लगने लगा कि असल में इंतज़ार करने वाले तो हम हैं और गोदो तो कोई और ही है। हमने किताबों में, धर्मों में, अपनों-परायों में उसकी ख़ाक छानी.. पर भरसक कोशिशें के बाद भी गोदो के दर्शन नहीं हुए। . . फिर एक उम्र पर आकर गोदो का इंतज़ार सामान्य जीवन कीं रेलमपेल में शामिल हो गया। हम कब जी रहे थे और कब इंतज़ार कर रहे थे,इसके बीच की रेखा धुँधलाती गई। . . फिर अचानक लगने लगा कि कितना अच्छा हुआ कि गोदो नहीं आया, वरना हम क्या करते इस पूरे जीवन का? अब स्थिति यह है कि इस आदतन जीने में कहीं गोदो टकरा जाए तो हम उसे पहचान नहीं पाएँगे और कहीं किसी ने गोदो पुकारा तो हम सब पलटना भूल जाएँगे। . . #givingupongodot opening dates -17th to 20th March.. at @prithvitheatre ♥️ #aranya #newplay #hindiplay #hindinatak #drama #theatre #absurd #absurdplay . . Picture clicked by - @isugandha #nofilter https://www.instagram.com/p/B8fVpc6Jpk_gyvL8JtVXoWoRvjE6yxV3PYKuqo0/?igshid=h3kg9yjy5q6g