समय के झरोखे से हरिशंकर परसाई… : आलेख (सुधेंदु पटेल)
समय के झरोखे से हरिशंकर परसाई… : आलेख (सुधेंदु पटेल)
(“हरिशंकर परसाई: – चर्चा ज़ारी है ….. ” का दसवाँ दिन ……..’सुधेंदु पटेल’ का आलेख )
हरिशंकर परसाई केवल लेखक कभी नहीं रहे. वे लेखक के साथ-साथ एक्टिविस्ट भी थे. उनका समूचा जीवन आन्दोलनों और यूनियनों से जुड़ा रहा. आन्दोलन छात्रों के, श्रमिकों के, शिक्षकों के, लेखकों के भी. वे लेखक के रूप में अपनी भूमिका के संबंध में असंदिग्ध थे. लेखक साम्प्रदायिकता का विरोध करना चाहिये, विश्वशांति का समर्थन करना…
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