इंडियंस में खासकर पेट में, आर्म्स पर, थाइज़ में, चिन के नीचे के हिस्से और कमर के आस-पास के हिस्सों में स्टबर्न फैट इकठ्ठा हो जाता है जो रेग्यूलर एक्सरसाइज़ या डाईट से कम नही होता। लेकिन अच्छी खबर ये है कि मेडिकल साइंस के पास लाइपोसक्शन के रूप में इसका हल भी मौजूद है. लाइपोसक्शन एक एडवांस और अत्याधुनिक तकनीक है जिसके मदद से एक्स्ट्रा फैट को बिना किसी नुकसान के कम किया जा सकता है. लाइपोसक्शन की साइंस क्या है? लाईपोसक्शन एक एडवांस प्लास्टिक सर्जरी तकनीक है जो शरीर के लगभग किसी भी हिस्से के फैट को “सक्शन” के द्वारा बाहर निकाल सकती है. लाईपोसक्शन उन सभी स्टबर्न फैट पॉकेट्स को आसानी से हटा सकता है जो किसी भी डाईट या एक्सरसाईज से कम नही होते. इस तकनीक के ज़रिये सम्पूर्ण शरीर का लगभग 15 प्रतिशत तक फैट बिना किसी नुक्सान के कम किया जा सकता है. क्या फैट दोबारा वापस आ सकता है? फैट गेन (चर्बी बढ़ने) का सीधा सम्बन्ध वेट गेन (वज़न बढ़ने) से हैं. जब हम ज़रूरत से ज्यादा कैलोरीज़ लेते हैं तब हमारे शरीर के कुछ हिस्सों की फैट सेल्स आकार में बढ़ने लगती हैं और उस हिस्से को मोटा कर देती हैं. फैट सेल्स किसी बैग कि तरह होती हैं जो फैट को अपने अंदर जमा करती जाती हैं. लाइपोसक्शन के जरिये इन फैट सेल्स को ही निकाल दिया जाता है जिसकी वजह से फैट कभी वापस इकठ्ठा नही हो पाता. अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: डॉ आर के मिश्रा प्लास्टिक और कॉस्मेटिक सर्जन सिप्स अस्पताल, लखनऊ फोन: +91 9795 800 800 www.MyCosmeticSurgery.in #liposuctionconcept #liposuctionfacts #liposuctionQA #health #wellness #lifestyle #fatremoval #liposuction #weightloss #advancelipo #plasticsurgery #cosmeticsurgery #aestheticsurgery #drrkmishra #mycosmeticsurgery #sipshospital #aspscertified #topdoctor #bestratedsurgeon #fivestarreviews #hindiblog #medicaltourism #lucknowtourism https://www.instagram.com/p/CfnRe0SJaHc/?igshid=NGJjMDIxMWI=














