गया - मंगला गौरी दर्शन
ब्लॉग:- गया - मंगला गौरी दर्शन गया में सही मायने में दया नहीं नजर आई। विंध्याचल में शक्तिपीठ पदयात्री होने के कारण आदर मिला था। माई की चुनरी उढ़ाई गयी थी। उसके उलट गया में यहां उन्हें टके सेर जवाब मिला - रुकने की जगह चाहिये तो पांच हजार का डोनेशन लाओ!
11 मार्च 23 शाम होते होते प्रेमसागर ने अष्टादश शक्तिपीठों में से तीसरे महाशक्तिपीठ का दर्शन सम्पन्न कर लिया। गया में वे मंगलागौरी मंदिर हो आये। इससे पहले उन्होने प्रयाग में ललिता देवी/अलोपी माता और वाराणसी में विशालाक्षी देवी के दर्शन कर लिये हैं। उनके अलावा कई अन्य शक्तिपीठों पर भी वे जा चुके हैं। अब तक शक्तिपीठ पदयात्रा में वे सात सौ किलोमीटर के आसपास पैदल चल चुके हैं। उनका शक्तिपीठ पदयात्री…
View On WordPress










