आचार संहिता के नियमों का अफसर नहीं बना सकेंगे बहाना : पेंशन, राशन कार्ड, जाति, आवास व अाय प्रमाण पत्र आदि बनवाने सहित रूटीन के काम आचार संहिता से प्रभावित नहीं हैं। इसको किसी भी हालत में रोकने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। डीसी डाॅ. यश गर्ग ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि इस बारे में सभी विभागों के अधिकारियों को गाइडलाइन जारी कर दी है।
इसमें उन सभी कामों की लिस्ट बनाकर भी भेजी गई है कि जनता से जुड़े वे कौन से काम इस दौरान कर सकते हैं और किस पर पाबंदी है। हालांकि नियम के मुताबिक आचार संहिता लगने के बाद बुनियादी जरूरत से जुड़ा कोई भी कार्य नहीं रोका जा सकता है। मात्र डेवलेपमेंट के नए प्रोजेक्ट ही रुकेंगे। इसी क्रम में आर्थिक लाभ देने वाली सरकारी योजनाओं के लिए नए आवेदन नहीं लिए जा सकते हैं। ऐसे में अगर किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उस पर कार्रवाई होगी।
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नगर निगम व हुडा के प्रोजेक्ट रुके
अंबेडकर चौक स्थित नगर निगम कार्यालय में संचालित नागरिक सुविधा केंद्र के काउंटरों पर रूटीन कार्य होंगे। इसमें प्रापर्टी टैक्स के बिल में संशोधन, जमा, जाति प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण आदि कार्य होंगे। हालांकि कैबिनेट में पास होने के बाद भी बिजली निगम के भूमि पर रेलवे एलीवेटेड ट्रैक से प्रभावित गांधी कैंप बाजार के दुकानदारों का शिफ्टिंग प्रोजेक्ट चुनाव बाद होगा।
स्ट्रीट वेंडिंग स्कीम के तहत स्ट्रीट वेंडराें को आईकार्ड देने का काम भी रोकना पड़ा है। इधर हुडा विभाग की ओर से पुराना शुगर मिल की जमीन पर विकसित किए जा रहे नई काठमंडी मार्केट और ट्रांसपोर्ट नगर में ऑटो व ट्रक मार्केट की दुकानों व वर्कशाप के लिए आवंटन नहीं हो सकता है।
कृषि विभाग की मशीनीकरण स्कीम पर फंसा पेंच
कृषि विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में 5 उपकरणों के लिए ऑन लाइन आवेदन मांगे गए थे। इसकी अंतिम तिथि 8 मार्च थी। इस दिन तक भारी तादात में आवेदन आए हैं। इस बीच चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के बाद इस पेंच फंस गया है। इस स्कीम में बिजाई की मशीन, धान लगाने की मशीन व ट्रैक्टर को शामिल किया गया है। लिहाजा चंडीगढ़ मुख्यालय ने इसके संबंध में चुनाव आयोग से इसके लिए परमिशन मांगी है।
विकास के प्रोजेक्ट पेंडिंग
जिला में अब तक पीडब्ल्यूडी विभाग के तहत बड़े कामों में शहर के बीच में सोनीपत-दिल्ली रोड पर फ्लाई ओवर बनाने, निंदाना से भराण में 26 लाख की लागत से रिटेनिंग वॉल बनाने, महम में पुराने दिल्ली हिसार सुलेमानकी रोड को दुबारा से मजबूत करने का काम किया जाना है। इसकी मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा 13 बड़े काम अभी चंडीगढ़ मुख्यालय में पेंडिंग हैं। इसमें मुख्यत: रोहतक में बनने वाले देश के पहले रेलवे एलीवेटेड से प्रभावित लोगों के पुनर्वास का है।
इसके लिए नगर को जगह तय की गई है। इसकी मंजूरी कैबिनेट से मिल गई। एमडीयू में राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज खेल परिसर में बनेगी। इस मद में तीन करोड़ रुपए लागत अनुमानित है। इसके एक वर्ष में बनाया जाना है। अोपन एयर थियेटर बनेगा। इस पर भी तीन करोड़ की लागत आएगी। इसे एक वर्ष में बनाया जाना है। इसी क्रम में बहुउद्देश्यीय वेलोड्रम के निर्माण पर लगभग 6 करोड़ की लागत आएगी।
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स्त्रोत :- दैनिक भास्कर
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