नहाय खाय के बाद, आज शुरू हुआ खरना का पावन दिन
छठ पूजा को नेपाली, भोजपुरी व मैथिलि में छठा दिवस कहा जाता है| नवरात्री के पर्व के बाद छठ पूजा ही सबसे लंबा और महत्वपूर्ण त्यौहार के रूप में जाना जाता है| छठ पूजा का त्यौहार कल सुबह नहाय खाय के साथ शुरू हुआ, और इसका सबसे कठिन और मुश्किल हिस्सा खरना अज से शुरू हुआ| सूर्य देवता को अपने बनाए गए प्रशाद का भोग लगाने के पश्चात्, श्रद्धालु अपने 36 घंटो का उपवास शुरू करते है जिस दौरान वह पानी भी ग्रहण नहीं कर सकते| खरना सुबह ठेकुआ व खजूर तैयार करने वाले भक्तो के साथ प्रारंभ होता है, जिसके पश्चात् वह सभी दोपहर के लिए प्रशाद तैयार करने में व्यस्त हो जाती है| खरना के प्रशाद में चना दाल, रोटी, चावल एवं रसिया शामिल है जिसे संध्या के समय सूप व डाला में रखकर सजाया जाता है| और इन सभी के साथ छठ पूजा के पारंपरिक pooja की शुभ शुरुआत होती है| सबसे प्रथम अर्घ सूर्य देवता को कल शाम को दिया जाएगा, जिसके लिए भक्त विभिन्न घाटों पर एकत्रित होते है| छठ पर्व को सूर्य शाश्त्री, दला छठ और छठी के रूप और नाम से भी जाना जाता है| इस शुभ अवसर को पुरे 4 दिनों तक पुरे अनुष्ठान और रीती रिवाजों के साथ मनाया जाता है| छठ पूजा के परंपरा में उपवास, पवित्र स्नान एवं प्राथना की अहम् भूमिका होती है, जिसके साथ ही साथ सूर्य देवता को भोग और शुद्ध पेय जल भी अर्पण किया जाता है| Read the full article














