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Enjoy a road trip on the mountainous roads of Uttarakhand!🛣⛰ . . . . https://www.instagram.com/ghumanvilla . #uttarakhand #uttarakhandtraveller #mountains #mountan #travling #roadtrip #road #travelphotography #roadtrip #ghumanvilla #village #indiatravel #traking #nanital #nanitaltrip #nanitallake #travelnature #mountaneering #travelblogger #uk #naturalbeuty #wildlifephotography #wildlife #naturalmountain #music #uttarakhandlovers😍 #nanitalvibes❤️ #roadies #followforfollowback #instagramphotos (at Uttarakhand) https://www.instagram.com/p/Ck76tFRrTpW/?igshid=NGJjMDIxMWI=
आदरणीय बौज्यूँ
ईजा के लिये प्यार उमड़ कर आता है और बौज्यूँ के लिए सम्मान, पहाड़ी में एक कहावत है " ईज माई भुख, बौज्यूँ इज्जत भुख"। गाँव में ईजा की 10 गालियाँ और बौज्यूँ की बस एक लात काफी होती है हालातों को समझने के लिये। आपने मेरी इतनी कुटाई की थी मैंने आपसे दूरी बनानी शुरू कर दी थी और वो दूरी आज मीलों में तब्दील हो चुकी है। मैं अक्सर आप से शिकायत करना चाहता था क्यों आप भी शहर जाकर नौकरी क्यों नहीं करते हैं और लोगों के बौज्यूँ शहर में नौकरी करते हैं फिर साल भर में एक बार घर आते हैं और फिर चले जाते हैं और अपने बच्चों को कितना प्यार करते हैं, बगल में जो जित्तू चाचा घर आये थे कितनी अच्छी जीन्स लेकर आये थे अपने बच्चों के लिए, और एक मेरी पैंट थी जिसके पीछे की तरफ से चश्मे नुमा दो अलग अलग कलर के कपड़े का रफ़्फ़ु किया हुआ था, सच बता रहा हूँ उस टाइम तो मेरे को लगता था ये गरीबी सिर्फ हमारे लिए ही बनी है क्या? शिशु मंदिर स्कूल से सीधे सरकारी स्कूल में भेज दिया और वहाँ मेरे तो जैसे भाग ही खुल गये थे, कभी किसी का मालटा की चोरी की कभी ककड़ी की चोरी की, कुछ नहीं मिला तो अत्तर ही मांड लेते थे। जब क्लास 9 में था तब तक आपने सही से पढ़ा दिया बस उसके बाद खड़ंचे में काम करके मैंने अपनी स्कूल की फीस दी और सुबह 6 बजे पिछवाड़े में एक लात मारकर कहते थे बैलो को खेत में लेकर जा और हल चलाना, और आप तब आते जब तक में एक नाली का खेत जोत चुका होता था। माँ कसम उस टाइम ऐसी रीस (गुस्सा) आती थी ना क्या बताऊँ? सोचता था 12 पास करके हयात दा की गाड़ी में हल्द्वानी फिर सीधे दिल्ली कौन आयेगा यहाँ इतना काम होता है यहाँ बाप रे हाय दुखी प्राणि। वो याद एक बार जब आपके सिरहाने से मैंने बीड़ी चुराई और फिर जंगल में जाकर पी और आपको फिर पता चल गई थी और घर आकर पहले लात थप्पड़ फिर सिसोड को पानी में डालकर जो सिकाई हुई पूछो मत , उस दिन तो मैंने सोच लिया था सुबह ही रोड में जाकर गाड़ी पकड़ता हूँ और चल देता हूँ दिल्ली, कौन रहेगा इनके बीच में, लेकिन मैं भाग नहीं पाया क्योंकि सुबह बैल जोतने आप खुद ही चले गये थे आपने पूरे दिन खामोशी में काटी, और बार भी खामोश रहते थे लेकिन आज की खामोशी चुभ रही थी मुझे। 12वीं में पास होने के बाद वही हुआ जो होना था वही हुआ दिल्ली जैसे शहर में कमाने के लिए आना पड़ा। शहर में रहने के बाद पता चला आपकी अहमियत , अभी भी फ़ोन करने में डरता हूँ इसलिए एक क्वार्टर लेकर आता हूँ और 2 पेग मारने के बाद आपसे बात करने की हिम्मत बन पाती है
आज आपकी हर बात याद आ रही क्यों वो 9 वीं क्लास के बाद खड़ंचे में काम करने के लिए मुझे भेजा ताकि मैं आत्मनिर्भर बन सकूँ। सुबह खेत में इसलिए भेजते थे ताकि एक अपने काम को लेकर हमेशा सजग रहूँ, मैं कैसे भूल सकता हूँ वो हल चलाना गाड़ में मच्छी मारना सब आपने ही तो सिखाया था, लेकिन बोज्यूँ वो पानी भिगो कर जो सिसोड लगाया था ना आज भी मेरी रूह कांप जाती है।
हैं. ईजा की ममता हर समय दिख जाती है, पर बौज्यूँ के प्यार को तलाशना पड़ता है. ऐसा वास्तव में होता नहीं है, क्योंकि ज़िम्मेदारियों के बोझ से दबा वो इंसान कभी इतना खुल नहीं पाता कि अपना प्यार ज़ाहिर कर पाए. घर से बाहर रहते हुए आज 6 साल हो चुके हैं, ईजा से दिन में 5 बार बात होती है, वो भी दस मिनट, या शायद इससे भी ज़्यादा, पर पापा से हुई बात की कॉल Duration 30 से 40 सेकंड्स की ही होती है। ज़्यादा वो कह नहीं पाते या बिना कहे सब महसूस कर लेते हैं, फिर भी बोज्यूँ मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ।
When you are nature lover you always find a way to capture 😊👍