FILM REVIEW 'पच्चीस': सिर्फ अच्छी लिखी हुई कहानी अच्छी फिल्म बन जाए, जरूरी नहीं
FILM REVIEW ‘पच्चीस’: सिर्फ अच्छी लिखी हुई कहानी अच्छी फिल्म बन जाए, जरूरी नहीं
जिंदगी में कभी कभी चांस लेना पड़ता है, अंजाम की परवाह किये बगैर. ऐसी बातें कहने वाले अक्सर परिश्रम से दूर भागने वाले होते हैं. पैसा या नाम कमाने की चाहत में शॉर्टकट अपनाने वाले लंबे समय तक अपनी सफलता से खुश नहीं रहते. हमेशा जीतने की लत, आपको आखिर में हरा ही देती है और एक बार हारना शुरू करते हैं तो आपका पतन निश्चित है. अमेजन प्राइम पर तेलुगू फिल्म “पच्चीस” का फलसफा भी ऐसा ही है. फिल्म का नाम-…
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