चावल को देख झूम उठे लद्दाख के इस गांव के लोग | Commodity Today
भारत के हर राज्य में एक न एक चावल ऐसी पाई जाती है जो अपने स्वाद और खुशबू के लिए भारत सहित दुनिया के कई देशों में पसंदी की जाती है. भारत में चावल की कई किस्में है और हर किस्म की अपनी अलग खासियत है. छत्तीसगढ़ को चावल का कटोरा कहा जाता है. यहां बड़ी मात्रा में चावल का उत्पादन होता है और इससे किसानों को अच्छा लाभ होता है. इसी बीच अब चावल को लेकर छत्तीसगढ़ से एक अच्छी खबर सामने आई है जहां छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र लैलूंगा से 'केलो' जैविक जवाफूल चावल लद्दाख पहुंच गया है. इस चावल की खासियत लद्दाख के लोगों को खूब पसंद आ रही है. इस चावल की खूशबू और क्ववालिटी ने लद्दाख के लोगों को अपना दीवाना बना दिया है.
















