राजा भारमल (1548-1573ई) की छतरी बिहारी मल्ल अथवा भारमल के नाम से प्रसिद्ध 1548 ई. आम्बेर की गद्दी पर आए उस समय कछवाह वंश परिवारी लड़ाइयों से त्रस्त था पर भरपाल वीर एवं सहासी थे। उनकी वीरता से प्रभावित हो किशोर मुग़ल सम्राट अकबर ने मित्रता का हाथ बड़ाया 20 जनवरी 1562 ई. को भारमल सांगानेर में मिले और उसी वर्ष 8 फ़रवरी को उनकी बेटी का विवाह बादशाह से देवयानी सरोवर सांभर पर सम्पन्न हुआ। यह सम्बंध मुग़ल सम्राट के अंतिम दिनो तक चला। सांभर से विदा लेकर भारमल आम्बेर आए जहाँ कुछ दिनो बाद उनकी मित्यु हो गई। #RulerOfAmber #KachwahaDynasty #SuryaVanshi #BornToTheSun #RajaBharmalKiChatri #Architecture #14Century #Historic #Heritage #AmberTown #Cenotaph #Structures #Jaipur #JaipurDiaries #JaipurJournal #Rajasthan #India #IncredibleIndia #Wanderer #Wanderlust #Travel #Travelogue #TravelDiaries








