मुझे गर्व है कि मैं आरक्षित वर्ग से नहीं आता...
मुझे गर्व है कि मैं आरक्षित वर्ग से नहीं आता...
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मुझे गर्व है की मैं आरक्षित वर्ग से नहीं आता । मुझे अत्यंत गर्व है की मैं एक जनरल वर्ग से आता हूँ क्योंकि –
आज मैं जो कुछ भी हूँ अपनी योग्यता , बुद्धि कौशल के बलबूते हूँ न कि जाति प्रमाण पत्र के ।
बचपन से लेकर युवावस्था तक मैंने स्वाभिमान से सर उठा कर दुनियाँ की हर परिस्थिति से अनुभव प्राप्त किया है । इसमें जाति प्रमाण पत्र का कोई योगदान नहीं रहा ।
मुझे गर्व है कि मेरी शिक्षा दीक्षा में मेरे अपने माता पिता के स्वाभिमान से कमाए हुए पैसों का योगदान है न कि किसी भीख का।
मुझे गर्व है कि आज मैंने स्कूल एवं कॉलेजों में जो भी एडमिशन लिये सभी मैंने अच्छे नंबरों और अपनी बौद्धिक कुशलता के बल पे लिया है । इसमें भी जाति प्रमाण पत्र का कोई योगदान नहीं ।
मुझे गर्व है कि मैंने अपनी शिक्षा में लगने वाली फीस को एक स्वाभिमानी व्यक्ति की तरह पूरा पूरा वहन किया है और किसी भी गरीब का हक़ नहीं मारा है । इसमें भी जाति प्रमाण पत्र का कोई योगदान नहीं है ।
आज मेरे अंदर जो भी निखार आया है सब का श्रेय मेरी कड़ी मेहनत , रात रात भर जाग कर पढ़ना , और अन्यान्य किताबों का गहन अध्ययन करना है । वर्ना मैं भी एक अशिक्षित मुर्ख ही होता जो सिर्फ उतना ही पढता जितना कि जाति प्रमाण पत्र दिखाने मात्र से पास हो जाता ।
एक अंदर डर बना रहता था कि मैं जितना भी पढूं कम है क्योंकि मेरे पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है । परंतु आज मैं उसी डर के द्वारा किये गए गहन अध्ययन से अपनी बौद्धिक क्षमता को उन लोगों से कई गुना ऊपर पाता हूँ जिनके पास सिर्फ और सिर्फ जाति प्रमाण पत्र के अलावा उनका अपना कुछ नहीं ।
मुझे गर्व है कि मैंने हर प्रतियोगिता में पूरी पूरी फीस का वहन किया है और उसमें प्रवेश भी अपने शिक्षा और बौद्धिक कुशलता के बल पर पाया है जिसमें मुझे किसी भी जाति प्रमाण पत्र का सहारा नहीं लेना पड़ा । क्योंकि मैं अपनी योग्यता से भलीभाँति परिचित था ।
मुझे गर्व है कि जाति प्रमाण पत्र के नाम पर मिलने वाले फीस में छूट और वजीफ़े से मैं किसी भी गलत संगति में नहीं पड़ा और उस फीस छूट और वजीफे की धनराशि का उपयोग मद्यपान ( शराब पीना ) , तरह तरह के नशे करना , मांस भक्षण करना , जुआ खेलना , वेश्यावृति करना , लड़की छेड़ना , आपराधिक मामलों में सलिंप्त होना , पढ़ाई से कोसों दूर रहना , इत्यादि गतिविधियों में नहीं पड़ा । इसका एकमात्र श्रेय मेरे पास जाति प्रमाण पत्र का न होना है ।
मुझे गर्व है कि मेरी नौकरी में मेरा चयन मेरे जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नहीं , बल्कि मेरी योग्यता , मेरे अंक पत्र और बद्धिक कौशलता के आधार पर हुआ है ।
मुझे गर्व है कि आज मैं एक सभ्य और बौद्धिक स्तर से परिपूर्ण समाज का एक अंग हूँ । इसमें भी मेरे जाति प्रमाण पत्र का अंशमात्र भी योगदान नहीं है ।
मुझे गर्व है की आज मैं एक स्वाभिमानी जीवन व्यतीत कर रहा हूँ और छाती ठोंक कर पुरे आत्म विश्वास के साथ दुनियाँ का सामना कर सकता हूँ की हाँ ! आज मैं जो कुछ भी हूँ मैं अपने योग्यता के बल पे हूँ किसी जाति प्रमाण पत्र के भीख से नहीं ।
मुझे गर्व है कि इस समाज में मैंने अपनी पहचान खुद के योग्यता के बल पे बनाया है न कि जाति प्रमाण पत्र द्वारा प्रदत्त भीख के बल पर ।
मुझे गर्व है की मैं, वोटों की राजनीति करने वाले और जाति के नाम पर देश और समाज का विखंडन करने वाले सत्ता लोलुप किसी भी राजनेता के भीख और कृपा के बल पर अपना जीवनोपार्जन नहीं कर रहा हूँ । मेरे ऊपर किसी भी लालची और सत्ता लोलुप राजनेताओं और उनकी राजनीतिक पार्टियों का कोई कर्ज या कृपा नहीं है । क्योंकि मेरे पास जाति प्रमाण पत्र है ही नहीं ।
मुझे गर्व है की अब तक की सभी सरकारें जाति उत्थान के नाम पर जो 68 वर्षों से लाखो करोङ रूपये से अपने जेब भरती आ रही है और देश को अकूत संपत्ति का चूना लगा रही है , वह खर्च मुझपे नहीं है । और उसका उपयोग देश की उन्नति में व्यय हो रहा है । आज जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर भारत देश में दिखाई पड़ता है उसमें मेरा 50% प्रतिशत से ऊपर का बहुमूल्य योगदान है। परंतु इसमें भी जाति प्रमाण का कोई योगदान नहीं है ।
मुझे गर्व है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी – मुलायम , मायावती , मोदी , सोनिया , केजरी , लालू , जीतनराम आदि मुझे लेकर कोई भी वोटों की राजनीति नहीं कर सकते और जनता को बाँट कर अपना जेब नहीं भर सकते । क्योंकि मेरे पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है !
मुझे गर्व है कि मुझपे लगने वाला सारा पैसा देश के चहुँ मुखी विकास और अभाव ग्रस्त लोगों पे व्यय होता है । परंतु दुःख होता है की मेरे ही खून पसीने से कमाए हुए पैसे से जाति प्रमाण पत्र रखने वाले लोग ऐश करते हैं और न पढ़ लिखकर अयोग्य बन रहे हैं और आपराधिक गतिविधियों में फंसकर देश को गर्त में गिरा रहे हैं ।
मुझे गर्व है कि मुझे कोई कोटे वाला नहीं कहता , न कोई मेरी योग्यता पे शंका करता है और न ही हीनदृष्टि से देखता है । मैं सर उठा कर जीता हूँ । इसका भी एकमात्र कारण मेरे पास जाति प्रमाण पत्र का न होना है ।
मुझे गर्व है की जाति के नाम पर मुझे कोई भी राजनीतिक दल महामूर्ख और बेवकूफ नहीं बना सकता । क्योंकि मेरे पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है ।
मुझे गर्व है कि मैं अपने देश का एक पूर्ण स्वाभिमानी एवं सच्चा नागरिक हूँ । इसमें भी जाति प्रमाण पत्र का लेशमात्र भी योगदान नहीं है ।