आइए आज जानते हैं हम बौद्ध धर्म और उसके संस्थापक महात्मा बुद्ध के बारे में। महात्मा बुध के कोई गुरु नहीं थे। गुरु बिना ज्ञान नहीं मिल सकता। उन्होंने शास्त्र विरुद्ध मन मुखी साधना यानी हठयोग करके वक्ता बन गए थे जिसे गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में बताया हैं कि जो साधक शास्त्रविधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है वह न सिद्धि को प्राप्त होता है न उसे कोई सुख प्राप्त होता है, न उसकी गति यानि मुक्ति होती है अर्थात् शास्त्र के विपरित भक्ति करना व्यर्थ है। महात्मा बुद्ध ने भी मन मुखी साधना की जिससे ना तो उनका मोक्ष हुआ ना ही उन्हें मानने वाले यानी बौद्ध साधक का मोक्ष हुआ। वह सभी नास्तिक बन गए और संसार की शांति के लिए खतरा बन गए। जैसा कि वर्तमान समय के अंदर चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ में सीमा विवाद में उलझा हुआ है। इससे भी सिद्ध होता है कि बुद्ध भगवान नहीं थे और उन्होंने स्वयं को पथ प्रदर्शक कहा है। वर्तमान समय में एकमात्र तत्वदर्शी संत संत रामपाल जी महाराज हैं उनसे ही सद्भक्ति ग्रहण करने से मोक्ष अर्थात निर्वाण की प्राप्ति होगी।उनसे सद्भक्ति ग्रहण करके अपना मानव जीवन सफल करें । अधिक जानकारी के लिए देखें साधना टीवी रोज रात्रि 7:30 बजे से। #buddhismisalifestyle #buddhismtemple #buddhismo #zenbuddhism #buddhismtattoo #buddhismquotes #buddism #rohtak #haryana #indiancouture #indianbride #indianidol #indianfashionblogger #photoviral #indianwedding #haryanvi⚡️ #buddhisttemple #tibetanbuddhism #thailandtravel #thailandonly #buddha#buddhismisalifestyle #buddhismtemple #buddhismo #zenbuddhism #buddhismtattoo #buddhismquotes #buddism #buddhisttemple #tibetanbuddhism #thailandtravel #thailandonly #buddha @aslimonalisa @nishu__meghwal @ram_nath_kovind (at Bodh Gaya) https://www.instagram.com/p/CBpFCioJ62u/?igshid=197iyqksce3y9