द्वारका नगरी के इन रहस्यों को जानकर हैरान हो जाएंगे आप
द्वारका नगरी के इन रहस्यों को जानकर हैरान हो जाएंगे आप
भारत में हिंदु धर्म से जुड़े 29 ऐसे रहस्य हैं, जिनका पता आजतक वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाए हैं। ये ऐसे रहस्य हैं जिनका पता लगान शायद नामुंकिन है, वैज्ञानिको ने इन रहस्यों का पता लगाने की लाख कोशिश की लेकिन फिर भी उनके हाथ नाकामी के सिवा कुछ भी नहीं लगा। ऐसा ही रहस्य धर्मनगरी द्वारका का भी हैं, जिसका आज तक कुछ पता नहीं चला।
विश्व का सबसे रहस्मय शहर है द्वारका
कहते हैं द्वारका विश्व का सबसे रहस्यमय शहर है
ऐसा कहा जाता है कि मथुरा से निकलकर भगवान कृष्ण ने द्वारिका क्षेत्र में ही पहले से स्थापित खंडहर हो चुके नगर क्षेत्र में एक नए नगर की स्थापना की थी। यह भी कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने अपने पूर्वजों की भूमि को फिर से रहने लायक बनाया था। प्राचीन इतिहास की खोज करने वाले इतिहासकारों के अनुसार द्वारिका विश्व का सबसे रहस्यमय शहर है। इस शहर पर अभी भी शोध जारी है।
समुद्र तल में आज भी है द्वारका की दीवार
समुद्र तल में मिले द्वारका के दीवार
द्वारका नाम को लेकर भी कई कहानियां प्रचलित हैं कहा जाता है कई द्वारों का शहर होने के कारण इसका नाम ‘द्वारिका’ पड़ा। इस शहर के चारों ओर बहुत ही लंबी दीवार थी जिसमें कई द्वार थे। ऐसा कहा जाता है वह दीवार आज भी समुद्र के तल में स्थित है।
समुद्र में द्वारका के साक्ष्य भी मिले हैं
समुद्र में द्वारका नगरी के साक्ष्य भी मिले हैं
प्रो. राव और उनकी टीम ने 1979-80 में समुद्र में 560 मीटर लंबी द्वारिका की दीवार की खोज की। साथ में उन्हें वहां पर उस समय के बर्तन भी मिले, जो 1528 ईसा पूर्व से 3000 ईसा पूर्व के हैं। इसके अलावा सिन्धु घाटी सभ्यता के भी कई अवशेष उन्होंने खोजे। उस जगह पर भी उन्होंने खुदाई में कई रहस्य खोले, जहां पर कुरुक्षेत्र का युद्ध हुआ था।
सबसे प्राचीन नगरों में से एक है द्वारका
विश्व की सबसे प्राचीन नगर है द्वारका
भारत के सबसे प्राचीन नगरों में से एक है द्वारिका। इसमें 7 नगर हैं- द्वारिका, मथुरा, काशी, हरिद्वार, अवंतिका, कांची और अयोध्या। द्वारिका को द्वारावती, कुशस्थली, आनर्तक, ओखा-मंडल, गोमती द्वारिका, चक्रतीर्थ, अंतरद्वीप, वारिदुर्ग, उदधिमध्य स्थान भी कहा जाता है।
दो तरह के द्वारका धाम है
गोमती द्वारका और बेट द्वारका
कहा यह भी जाता है कि दो तरह के द्वारिक हैं- एक गोमती द्वारिका और दुसरा बेट द्वारिका। गोमती को द्वारिका धाम कहा जाता है और बेट को द्वारिका पुरी कहते है। जानकारी के मुताबिक बेट द्वारिका के लिए समुद्र मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
द्वारका को कल्पना की नगरी भी कहते हैं
समुद्र में मिला द्वारका नगरी
एक समय ऐसा भी था, जब लोग कहते थे कि द्वारिका नगरी एक काल्पनिक नगर है, लेकिन इस कल्पना को सच साबित कर दिखाया ऑर्कियोलॉजिस्ट प्रो. एसआर राव ने। प्रो. राव ने मैसूर विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद बड़ौदा में राज्य पुरातत्व विभाग ज्वॉइन कर लिया था। उसके बाद भारतीय पुरातत्व विभाग में काम किया।









