एमएसएमई रजिस्ट्रेशन
भारत में फिलहाल कई तरह के उद्योग स्थापित हैं। जिनमें कुछ उद्योग बड़े हैं तो कुछ छोटे हैं। बड़े उद्योग को चलाने के लिए काफी पैसा और लोगों की जरूरत होती है। जबकि छोटे उद्योगों को स्थापित लिए कम पैसा और कम लोगों की जरूरत पड़ती है। भारत में स्थापित इन छोटे उद्योगों को एमएसएमई की श्रेणी में रखा जाता है। एमएसएमई में विकास के लिए सरकार काफी सारे प्रयास करती रहती है जिनका लाभ उन लोगों को मिलता है जो वास्तव में उद्योग स्थापित कर उसे अच्छी तरह चलाने की सोच और समझ रखते हैं। आप भी छोटे उद्योग स्थापित करना चाहते हैं तो चलिए आपको बताते है कि एमएसएमई क्या है? एमएसएमई रजिस्ट्रेशन कैसे होता है, इसके साथ ही एमएसएमई के क्या फायदे है।
एमएसएमई रजिस्ट्रेशन क्या है ?
क्ष्म-लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई/MSME) छोटे आकार की इकाइयां हैं, जो उनके निवेश के आकार के संदर्भ में परिभाषित हैं। वे अर्थव्यवस्था में उत्पादन, रोजगार निर्यात इत्यादि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वे बड़ी संख्या में अकुशल और अर्द्ध कुशल लोगों को रोजगार प्रदान करके, निर्यात में योगदान, विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन को बढ़ाने और कच्चे माल, मूल सामान, तैयार भागों और घटकों की आपूर्ति करके बड़े उद्योगों को समर्थन प्रदान करके अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, आदि।
इन छोटे व्यापारियों को एमएसएमई रजिस्ट्रेशन के जरिये इनको अपने साथ जोर रही है।
ध्यान दे: सरकार ने 1st July 2020 से एमएसएमई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बदल दिया है, अब इसे बदल दिया है, अब इसे उदयम रजिस्ट्रेशन के रूप में जाना जाता है।
एमएसएमई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
सबसे पहले एमएसएमई रजिस्ट्रेशन क लिए यह पर जाए।
फॉर्म भरे
ऑनलाइन पेमेंट करे।
एमएसएमई सर्टिफिकेट प्राप्त करे
दस्तावेज
आधार कार्ड
जीएसटीआईएन और पैन कार्ड (केवल कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए)
















