शिव, लय भी और प्रलय भी; कला भी और काल भी; डमरू भी और त्रिशूल भी; गंगाजल भी और विष भी! देवाधिदेव महादेव भगवान् शिव की आराधना का महादिवस, महाशिवरात्रि पर्व की आप सब को शुभकामनाएं। "हर और शिवम्-सत्यम-सुन्दर, हर दिशा-दिशा में हर-हर है , जड़-चेतन में अभिव्यक्त सतत्, कंकर-कंकर में शंकर है..!" हर-हर महादेव.....ॐनमःशिवाय (at India)













