मान्यता है कि धरती पर भगवान शिव स्वयं रुद्राक्ष के रूप में उपस्थित हैं और निसंतान स्त्रियों के लिए गर्भ गौरी रुद्राक्ष किसी वरदान से कम नहीं है। इस रुद्राक्ष मां गौरी और उनके पुत्र भगवान गणेश का साक्षात् रूप है। इसका मतलब है कि पुत्र या संतान की कामना कर रही महिलाओं एवं दंपत्तियों को garbh gauri rudraksha धारण करने से भगवान गणेश जैसे पुत्र की प्राप्ति होती है।












