बाढ़ पीड़ित गाँव ढाणी पुरिया, हिसार को संत
ओह ओह रामपाल जी महाराज जी की तरफ से 4,400 फीट (8 इंची) पाइप + 2 मोटर (10 हॉर्स पावर की) + Full Set भेजा गया।
Sant RampalJi Maharaj
$LAYYYTER
The Bowery Presents
trying on a metaphor
Noah Kahan

Andulka
h

No title available

★

#extradirty
"I'm Dorothy Gale from Kansas"
Claire Keane
noise dept.

Product Placement
EXPECTATIONS
𓃗
let's talk about Bridgerton tea, my ask is open
Jules of Nature
almost home
Cosimo Galluzzi
🩵 avery cochrane 🩵
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@deepakbarman1997
बाढ़ पीड़ित गाँव ढाणी पुरिया, हिसार को संत
ओह ओह रामपाल जी महाराज जी की तरफ से 4,400 फीट (8 इंची) पाइप + 2 मोटर (10 हॉर्स पावर की) + Full Set भेजा गया।
Sant RampalJi Maharaj
#किसानों_के_मसीहा
🪴Flood-affected Village Sahu (Hisar):
11,000 feet (8-inch) of pipe, 1 Motor (15 Horsepower) + Full Set were sent on behalf of Sant Rampal Ji Maharaj.
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अनिरुद्धाचार्य अपने शिष्यों को अभद्र भाषा सिखाते1 हैं। जानने के लिए देखें यह खास वीडियो गालीबाज कथावाचक अनिरुद्धाचार्य Factful Debates YouTube Channel पर।
Enemy of Hindu Dharm
दुर्गा शक्ति का वास्तविक ठिकाना कौन सा है ?
पहले माता दुर्गा भी पूर्ण परमात्मा कबीर जी के अमरलोक सतलोक में रहती थी लेकिन उनकी एक भूल ने उनके जीवन को दुखों से भर दिया। इस रहस्य को जानने के लिए पढ़ें पुस्तक "ज्ञान गंगा"
दुर्गा वाली आत्मा भी पहले अमरलोक सतलोक में बड़े सुख चैन से रहती थी लेकिन ज्योति निरंजन की भक्ति से प्रभावित होकर उनके साथ सतलोक से चली आई उनकी इसी भूल में हम सब भी फंस गए।
नबी हजरत मुहम्मद जी की दर्द भरी दास्तां
उनकी आँखों के सामने उनके तीनों पुत्र चल बसे, आखिर में उनकी भी असहाय पीड़ा से मृत्यु हुई।
क़ुरान सूरह फुर्कान 25 आयत 52 से 59 तक में लिखा है कि गुनाहों को क्षमा करने वाला सिर्फ एक कबीर नामक अल्लाह है उसकी पूजा विधि किसी तत्वदर्शी (बाखबर) से पूछ देखो।
वर्तमान में बाख़बर संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं।
#प्यारेनबी_की_दर्दभरी_दास्तान
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कबीर परमेश्वर जी ने ही समशतरबेज़ का रूप बनाया था
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में बताया है कि कबीर परमेश्वर जी ने समशतरबेज़ का वेश बनाकर सिमली तथा उसके भाई मंसूर को यथार्थ अध्यात्म ज्ञान समझाया था। उन्होंने ही अल-खिज्र की लीला भी की थी।
जब किसी को दुख और मानसिक तनाव से शांति नहीं मिलती तो वह सुसाइड की सोचता है। लेकिन आत्महत्या करना महापाप है। क्योंकि भक्ति करने से सर्व पाप परमात्मा नष्ट कर देता है। जिससे हमारे दुख तो दूर होते ही हैं, साथ ही मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिल जाती है।
आदरणीय धर्मदास जी को कबीर प्रभु अपने विधान अनुसार लगभग आज से 600 वर्ष पहले आकर मिले और सतलोक से तथा सर्व सृष्टि रचना के ज्ञान से परिचित करवाया।
फिर आदरणीय धर्मदास जी ने अपनी वाणी में प्रमाण दिया:-
आज मोहे दर्शन दियो जी कबीर। सत्यलोक से चलकर आए काटन जम की जंजीर। थारे दर्शन से म्हारे पाप कटत हैं निर्मल होवे जी शरीर।
Supreme God Kabir
Kabir Sahib Ji, The Supreme God, Is the destroyer of sins.
Yajurved, in Chapter 8, Mantra 13, and Rigved, in Mandal 9, Sukta 82, Mantras 1, 2, and 3, provide evidence that the Supreme God is the destroyer of sins.
Supreme God Kabir
सामवेद अध्याय नंबर 4 के खंड नंबर 25 का श्लोक नंबर 8 में लिखा है कि
वह परमात्मा कबीर विशाल शक्ति युक्त है और अपना तेज पुंज का शरीर बनाकर प्रकट होता है काल के पाप रूपी कर्म बंधनों को तोड़ने वाला है।
Supreme God Kabir
सतगुरु की पहचान
कबीर परमेश्वर सतगुरु की पहचान बताते हुए कहते हैं:
कोई सतगुरु संत कहावै, जो नैनन अलख लखावै।
आँख ना मूंदे, कान ना रूंधै, ना अनहद उलझावै। जो सहज समाधी बतावै।।
सतगुरु की पहचान
संत गरीबदास जी अपनी वाणी में बताते हैं:
पांच नाम गुझ गायत्री आत्म तत्व जगाओ।
ॐ किलियं हरियम् श्रीयम् सोहं ध्याओ।।
अर्थात सतगुरु प्रथम बार में यहाँ के पाँच प्रधान देवताओं के पांच नाम जो वास्तविक गायत्री है। इनका जाप करके आत्मा को जागृत करने को देता है। दूसरी बार में दो अक्षर का जाप देते हैं जिनमें एक ओम् और दूसरा तत् (जोकि गुप्त है उपदेशी को बताया जाता है) जिनको स्वांस के साथ जाप किया जाता है। तीसरी बार में सारनाम देते हैं जो कि पूर्ण रूप से गुप्त है।
नकली मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक का कहना है कि आत्माएं क़यामत तक कब्रों में रहती हैं।
संत रामपाल जी महाराज पवित्र कुरान सूरह मुल्क 67:2 और सूरह अंबिया 21:104 से प्रमाणित करते हैं कि आत्माएं जन्म और मृत्यु के चक्र में रहती हैं, जो क़यामत तक नहीं रुकता।
अधिक जानकारी के लिए संत रामपाल जी महाराज यूट्यूब चैनल पर जाएं।
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लंका फतह करने में बाधा बन रहे समुद्र के आगे असहाय हुए दशरथ पुत्र राम से भिन्न वह आदिराम/आदिपुरुष परमात्मा कौन है, जो त्रेतायुग में मुनींद्र ऋषि के रूप में उपस्थित थे एवं जिनकी कृपा से नल नील के हाथों समुद्र पर रखे गए पत्थर तैर पाए थे।
इस आध्यात्मिक रहस्य को जानने के लिए अवश्य देखें साधना चैनल शाम 7:30 बजे।
True Knowledge By Sant Rampal Ji
परमेश्वर कबीर जी करुणामय नाम से जब द्वापरयुग में प्रकट थे तब काशी में रह रहे थे। सुदर्शन नाम का एक युवक उनकी वाणी से प्रभावित होकर उनका शिष्य बन गया। एक दिन सुदर्शन ने करुणामय जी से पूछा कि आप जो ज्ञान देते हैं उसका कोई ऋषि-मुनि समर्थन नहीं करता है, तो कैसे विश्वास करें? उन्होंने सुदर्शन की आत्मा को सत्यलोक का दर्शन करवाया। सुदर्शन का पंच भौतिक शरीर अचेत हो गया। उसके माता-पिता रोते हुए परमेश्वर करूणामय के घर आए और उन पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया।
तीसरे दिन सुदर्शन होश में आया और कबीर जी को देखकर रोने लगा। उसने सबको बताया कि परमेश्वर करूणामय (कबीर साहेब जी) पूर्ण परमात्मा हैं और सृष्टि के रचनहार हैं।
True Knowledge By Sant Rampal Ji
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी मानवता की सेवा में अग्रसर हैं। इसलिए लाखों लोगों की जिंदगियाँ बचाने के लिए वे हर समागम में यूनिट रक्तदान करते हैं। इसी के तहत सतलोक आश्रम सोजत, राजस्थान में आयोजित रक्तदान शिविर में उनके द्वारा 184 यूनिट रक्तदान किया गया।
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