हमसफ़र
कभी फुर्सत से बैठ मेरे पास , सुन कभी मेरे दिल का हाल , बहुत सी अनकही बातें , कुछ मीठी ,कुछ फीकी सी , असर है तेरी बातों का , बाँधे रखता है एक डोर से , पुरानी यादों को समेट कर रख रही , नयी यादों की जगह बनाने को , लम्बा सफर है तेरा , आंखे अब बेचैन हो रही , हर दस्तक पर तुझे देख़ने को , ...
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