#Reality_Of_RadhaSoami_Panth राधास्वामी पंथ आगरा व उससे जितने भी पंथ निकले हैं, वे सभी 5 नाम जप करने के लिए देते हैं जो इस प्रकार हैं: ज्योति निरंजन, ओंकार, ररंकार, सतनाम, सोहं। परंतु घट रामायण में हाथरस के तुलसीदास साहिब जी ने प्रमाण दिया है कि; “पांचों नाम काल के जानो, तब दानी मन शंका आनो” इससे यह प्रमाणित हुआ कि पांचों नाम काल के हैं और पूरा राधास्वामी पंथ काल का पंथ है ना कि दयाल का और रही बात सतपुरुष, अकाल मूर्त, शब्द स्वरूपी राम जाप करने की, तो ये परमात्मा के पर्यायवाची नाम हैं, ना कि परमात्मा प्राप्ति के मंत्र। https://www.instagram.com/p/CrgAAmTo7e_/?igshid=NGJjMDIxMWI=









