कबीर परमेश्वर
हजरत मुहम्मद जी
को मिले थे।
कबीर साहेब हजरत मुहम्मद जी को सतलोक लेकर गए, सर्व लोकों की स्थिति से परिचय करवाया। किन्तु हज़रत मुहम्मद जी ने मान-बड़ाई के कारण कबीर साहेब का ज्ञान स्वीकार नहीं किया था।
कबीर साहेब ने कहा है
हम मुहम्मद को सतलोक ले गया, इच्छा रूप वहाँ नहीं रहयो ॥
उलट मुहम्मद महल पठाया, गज बीरज एक कलमा लाया ।।













