"माँ सी "
ये जो कुछ भूली बिसरी स्मृतियाँ हैंजिनमे मेरा बचपन है और तुम्हारा ममत्वदस अंगुल का एक “स्वैटर” है और कुछ उन के गोलेतुम्हारे स्पर्श से सुसज्ज्ति एक कहानी हैबस अब उस कहानी में तुम नहीं हो एक पुरानी फ़िरोज़ी साड़ी है तुम्हारीऔर एक श्वेतश्याम छायाचित्रएक भोली सी लज्जाती दुल्हनकैसे १८ वर्ष में ब्याह दी गयीनानी द्वारा सिये बनारसी जोड़े में मैंने माँ की परिभाषा में तुम्हें पाया हैन जाने कितने किस्से है…
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