न जाने कितनी मौतों को देखा, और कितनी लाशों को कंधा दिया। जो अपने थे उनको भी, जो पड़ोसी थे उनको भी वो जो बड़े थे, ओहदेदार, नामचीन थे उनको भी वो जो ग़रीब, पिछड़े या फिर कमअक्ल थे उनको भी देखा तो यही देखा, की वो जब गया तो न उसका रसूख काम आया, न दौलत, न उसकी पूरी ज़िन्दगी की आपाधापी , उसकी जद्दोजहद न उसका वो माना हुआ समाज साथ गया, न परिवार , न रिश्ते नातेदार, कोई संग न हुआ व्यक्ति जिस शून्य से जन्मा उसी शून्य को वापिस लौट जाता है। उसके जन्म से लेकर मृत्यु तक बस एक यात्रा है बस उसके प्रकट होने की , और फिर विलुप्त हो जाने की बस। कितने मान, अहंकार, गौरव, दर्प से जीवन बीत जाता है और जब कालसर्प डसता है तो सब पल भर में यूं बिखर जाता है मानो सब स्वप्न हो जैसे। ऐसी ऐसी बातें होती है किसी जाने के बाद, पर तुम चिंता न करना। वापिस आना श्मशान से अपने प्रिय को फूंकने के बाद और रो लेना दो दिन, ताकि उसी अहंकार को पूरित कर सको और कह सको खुद को की वो गया मैं तो नही। जीवन जागरण की बेला है। जीवन का अध्ययन जीते जी ही संभव है, मृत्यु पश्चात नही। जागना ही जीवन का पहला और अंतिम लक्ष्य है। और मृत्यु से बड़ा कोई जागरण नही होता है। थोड़े विनम्र बनिये, शायद यहीं से जीवन बदले और जागरण घटे। ध्यान करिए। डुबीए ध्यान मैं और जाइये मृत्यु की गहराईयों में ताकि जान सके उस जीवन को जो शाश्वत है। अमर है। ध्यान कीजिये ताकि मृत्यु के झूठ को जान सके और प्रवेश कर सके उस पटल पर, जो सिर्फ अनंत जीवन से पूर्ण है। Nothing is as big as Death itself to meditate.. #akaalyog #life #lifequotes #death #meditate #meditation #yogaforlife #hindu #culture #shamshan #buddha #dhyana #shiva #shiv #devi #shakti https://www.instagram.com/p/B4pDx2SJfgt/?igshid=iyruvhwsrbib







