Sach-2
know the truth

seen from Sweden
seen from Germany
seen from Malaysia

seen from Switzerland
seen from Switzerland

seen from Singapore
seen from Türkiye

seen from United States
seen from Iraq
seen from Switzerland
seen from Malaysia
seen from Hong Kong SAR China
seen from China

seen from Switzerland

seen from Brazil
seen from Netherlands
seen from Canada
seen from China
seen from United States

seen from Türkiye
Sach-2
know the truth
The Spine Of India - Sant Shri Asharamji Bapu युवा सेवा संघ द्वारा भंडारा - पाश्चात्य आचार-व्यवहार के अंधानुकरण से दिव्य प्रेरणा प्रकाश ही मुक्त करा सकता है Right Path For Youth #युवाधन_सुरक्षा The Spine Of India - Sant Shri Asharamji Bapu
Avtaran Diwas of Pujya AsharamJi Bapu | Vishva Seva Satsang Diwas
एकाग्रताः परम तप - Sant Shri Asharamji Ashram
https://www.tumblr.com/blog/santshriasharamjiashram
चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी पापमोचिनी है अर्थात पाप को नष्ट करने वाली. इस साल पापमोचिनी एकादशी 7 अप्रैल 2021 यानी बुधवार के दिन है. इस दिन पूरे विधि विधान के साथ भगवान विष्णु के चार भुजाओं वाले चतुर्भुज रूप की पूजा अर्चना करें. - Asharamji Ashram
पापमोचनी एकादशी
महाराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से चैत्र (गुजरात महाराष्ट्र के अनुसार फाल्गुन ) मास के कृष्णपक्ष की एकादशी के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की तो वे बोले : ‘राजेन्द्र ! मैं तुम्हें इस विषय में एक पापनाशक उपाख्यान सुनाऊँगा, जिसे चक्रवर्ती नरेश मान्धाता के पूछने पर महर्षि लोमश ने कहा था ।’ मान्धाता ने पूछा : भगवन् ! मैं लोगों के हित की इच्छा से यह सुनना चाहता हूँ कि चैत्र मास के कृष्णपक्ष में…
View On WordPress
पापमोचनी एकादशी
महाराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से चैत्र (गुजरात महाराष्ट्र के अनुसार फाल्गुन ) मास के कृष्णपक्ष की एकादशी के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की तो वे बोले : ‘राजेन्द्र ! मैं तुम्हें इस विषय में एक पापनाशक उपाख्यान सुनाऊँगा, जिसे चक्रवर्ती नरेश मान्धाता के पूछने पर महर्षि लोमश ने कहा था ।’ मान्धाता ने पूछा : भगवन् ! मैं लोगों के हित की इच्छा से यह सुनना चाहता हूँ कि चैत्र मास के कृष्णपक्ष में…
View On WordPress
पापमोचनी एकादशी
महाराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से चैत्र (गुजरात महाराष्ट्र के अनुसार फाल्गुन ) मास के कृष्णपक्ष की एकादशी के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की तो वे बोले : ‘राजेन्द्र ! मैं तुम्हें इस विषय में एक पापनाशक उपाख्यान सुनाऊँगा, जिसे चक्रवर्ती नरेश मान्धाता के पूछने पर महर्षि लोमश ने कहा था ।’ मान्धाता ने पूछा : भगवन् ! मैं लोगों के हित की इच्छा से यह सुनना चाहता हूँ कि चैत्र मास के कृष्णपक्ष में…
View On WordPress