This is the walking living breathing caricature of a memory.
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This is the walking living breathing caricature of a memory.
And my genes didn't bless me with the foresight of a sage But I know how this will end, in apologies and ink on the page
god, i can't believe this album is 20 years old now
मकर संक्रांति से पहले ही गौवंश को चारा खिलाना शुरू करें- संत पं.प्रभुजी नागर
मालवा के गौसेवक संत पं.प्रभुजी नागर ने नंदिनी गौशाला में पूजन कर नागरिकों से गौवंश की रक्षा के लिये अपील की न्यूजवेव@अटरू देश मे गौ सेवा सबसे बड़ा पुण्य है। जो सेवक समय निकालकर तन-मन से गौ शालाओं में सेवाये दे रहे हैं, उन पर द्वारिकाधीश की कृपा अवश्य बरसती है। नंदिनी गौ सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा महोत्सव के समापन सत्र में गौसेवक संत पं.प्रभुजी नागर ने कहा कि मकर संक्रांति पर्व पर हम पुण्य के नाम पर एक ही दिन में सुबह से शाम तक गौवंश को हरा चारा, सूखा चारा, गुड, दलिया आदि आवश्यता से अधिक खिला देते हैं। पूरे देश में उस दिन के आंकडे़ देखें तो गौवंश की सर्वाधिक मौतें उसी सप्ताह में होती है। इसका कारण यह है कि भूखे प्यासे बेजुबान गौवंश को क्षमता से ज्यादा एक साथ खिला देना। जिससे वो आफरा होने, आंते फटने या पेट खराब होने जैसी बीमारियों से मौत के मुंह में चले जाते हैं। इसलिये मकर संक्रांति पर बेजुबान गौवंश को दान-पुण्य करने वालों से अपील है कि आप एक दिन में जितना पैसा दान-पुण्य पर खर्च करना चाहते हों, उसे एक सााथ खर्च नही करके मकर संक्रांति से कुछ दिन पहले से और बाद तक रोज थोड़ा-थोड़ा खिलायें। जिससे गौवंश का पेट भी रोजाना भरेगा और एक साथ खाने से उनकी मौत से बचाव भी होगा।
उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर एक साथ डाला हुआ सूखा या हरा चारा दूसरे दिन सफाई कमर्चारियों द्वारा साफ कर दिया जाता है, आधे से ज्यादा चारा गौवंश के पैरों में और उनके किये हुए गौबर से खराब हो जाता है। इसलिए सभी गौ सेवकों से आग्रह है कि जनवरी के पहले सप्ताह से गौवंश को दान पुण्य प्रारंभ कर दें, वो कडाके की सर्दी से भी बच सकेंगे। आपके द्वारा रोज थोड़ा थोड़ा चारा, गुड़, दलिया आदि खिलाने से ज्यादा पुण्य देगा। भक्ति की धरती है राजस्थान संत नागर जी ने कहा कि राजस्थान की पवित्र धरा पर मीरा ने अमिट भक्ति की है, ठीक उसी तरह, चित्तौड़ की अजक बाई की अटूट भक्ति गोवर्धन नाथ को 700 किमी दूर नाथद्वारा तक खींच लाई थी। यह धरती बहुत पवित्र है, यहां के कण-कण में गौ सेवा के रूप में द्वारिकाधीश का वास है। ऐसी पवित्र भूमि को बुराइयों, दुर्व्यसनो व अपराधों से अपवित्र मत बनाओ। आप जब भी किसी कथा में जाएं, संकल्प लें कि ऐसा कोई अच्छा कार्य करेंगे, जिसका अनुसरण हमारे बच्चे भी करें। कथा में बारां-झालावाड़ के सांसद दुष्यन्त सिंह व मनोहरथाना के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा प्रवचन सुनकर महाआरती में शामिल हुए। गांव-गांव में भक्ति की बयार नंदिनी गो सेवा समिति के प्रवक्ता ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा में रोज 12 से 3 बजे तक संत प्रभूजी नागर के ओजस्वी प्रवचन सुनने के लिए अटरू तहसील के कुछ गांवों से भक्त अपने घरों पर ताले लगाकर आते थे। संत नागर जी ने व्यासपीठ से अपनी पगड़ी उतारकर पांडाल में बैठे हजारों भक्तों के श्रद्धा भाव को नमन किया। समापन सत्र में हजारों महिलाओं ने सजल नेत्रों से ठाकुरजी को विरह गीतों से याद किया। गौ पालन मंत्री प्रमोद जैन भाया एवं जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने सभी श्रद्धालुओं को पीले चावल देकर बड़ा के बालाजी मंदिर, बारां पर 10 फरवरी से श्रीमद भागवत कथा में पूज्य संत प्रभुजी नागर के प्रवचन सुनने का न्यौता दिया। Read the full article
आदि तप की शक्ति से सुरक्षित है केदारनाथ मंदिर - संत पं.प्रभुजी नागर
अटरू की विशाल श्रीमद भागवत कथा के तीसरे सोपान में उमड़ा भक्तों का सैलाब न्यूजवेव @अटरू मालवा के गौ सेवक संत पं.प्रभूजी नागर ने कहा कि जीवन में भक्ति का होना ही सच्चे ज्ञान के समान है। जो भक्त आजीवन भगवान का नाम जपता है, उसका सहस्त्र नाम विष्णु हो जाता है। कथा-सत्संग में आकर आप सांसारिक चिंताओं को भूल जाते हैं। आपके मन के तार ईश्वर के द्वार से जुड जाते हैं।
नंदिनी गौ सेवा समिति, अटरू द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के तीसरे सोपान में शुक्रवार को गौसेवक संत नागरजी ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य महाराज के पिता बचपन में शांत हो गये थे। इकलौते पुत्र शंकराचार्य ने मात्र 7 साल की उम्र में घाट पर कपडे़ धोने गई माता से कहा, मां मुझे भी नदी में डुबकी लगाने दे। नदी में तैरते हुये वे गहरे पानी में निकल गये। शंकर ने योजना बनाकर कहा, मां मगर ने मेरा पांव पकड लिया है। मां बोली, तू कह दे कि अगर मेरे लाल का पांव वो छोड देगा तो मैं बेटा शंकर को अर्पण कर दूंगी। ऐसा करके शंकर पानी से बाहर निकले और बोले-मां अब मैं शंकर के अर्पण हूं, इसलिये घर नहीं जाउंगा। वही शंकर हमारे आदि शंकराचार्य हुये। उन्होंने कहा कि जिस शिला पर आदि शंकराचार्य बैठकर तपस्या करते थे, वही शिला 2013 में केदारनाथ हादसे में लुडककर केदारनाथ मंदिर के पास आ गई और पानी की दिशा ही बदल दी। यह है तप की शक्ति। कण-कण में नाम की महिमा होने से केदारनाथ मंदिर लाख विपदाओं में भी सुरक्षित रहता है। यह भक्ति की चमत्कारिक शक्ति है। संत कबीर को ऐसे मिली दीक्षा भक्तों से खचाखच भरे पांडाल में एक प्रसंग सुनाते हुये कहा कि संत कबीर की जिज्ञासा थी कि मुझे संत रामदास से दीक्षा लेना है। वे कई बार उनके पास गये, पर उन्होंने मना कर दिया। एक बार संत कबीर गंगा के घाट पर लेटे हुये प्रभू का स्मरण कर रहे थे, उसी समय संत रामदास वहां स्नान करने पहुंचे। अचानक अंधेरे में कबीर के सीने पर संत रामदास के चरण पड़ गये तो वे बोल उठे- राम-राम। इस पर कबीर झुककर बोले, भगवान मेरा काम हो गया, आपसे दीक्षा हो गई। इस तरह जो भगवान की भक्ति में भीगता है, उसे एक दिन दर्शन भी हो जाते हैं। पं.नागरजी ने कहा कि मंदिर जाते हुये मीरा ‘सांवरियो मिल गयो रे, गिरधर जादू कर गयो रे...’ भजन गाते हुये वह सशरीर भगवान में समा गई थी। उसे भक्ति में बैकुंठ मिल गया। गुरू वही जो भगवान से जोड़े पं.नागरजी ने कहा कि भक्त मोती समान होता है। जो स्वयं को गुरू कहते है, वह गुरू हो ही नहीं सकते। जो भक्त को भगवान से जोडे़, वही सच्चा गुरू है। जो अपने नाम से जोडे़, वह पाखंडी है। दुर्योधन द्रोणाचार्य को अपना गुरू मानता था लेकिन भगवान कृष्ण को नहीं। जबकि अर्जुन गुरू को सम्मान देते हुये भगवान कृष्ण की बात मानते थे, जिससे उनकी नैया पार हो गई। कथा आयोजन समिति के प्रवक्ता ने बताया कि रोज दोपहर 12 से 3 बजे तक गौ सेवक संत नागरजी के ओजस्वी प्रवचन सुनने के लिये मध्यप्रदेश व राजस्थान से सैकडों भक्त रोजाना अटरू पहुंच रहे हैं। अटरू में इन दिनों धार्मिक मेले जैसा वातावरण है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ जाने से ढोक तलाई मैदान में कथा पांडाल को दोगुना कर दिया गया है। Read the full article
Baran Congress MLA Atru Panachand Meghwal holds social event without mask, fined | Jaipur News
Baran Congress MLA Atru Panachand Meghwal holds social event without mask, fined | Jaipur News
KOTA: Baran Congress MLA Atru Panachand Meghwal and 16 others have been fined for not wearing masks while unveiling a statue of Maharana Pratap in the presence of a huge gathering at Pratap Chowk in the city on Saturday evening. None of them were wearing a mask during the pubic event which saw a large gathering. Eight others were fined for violating socialdistancing norms at the event, taking the…
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आंगन की दिवार को लेकर भीडे दोनों सगे भाई आंगन की दिवार को लेकर भीडे दोनों सगे भाई अटरू थाना क्षेत्र के नयापुरा गाँव मे दो भाईयो के बीच आंगन की दिवार को लेकर इतना बड़ा विवाद हुआ कि बड़े भाई ने छोटे भाई पर गंडासे से वार कर धायल कर दिया दितीय थानाधिकारी सत्यनारायण जांगिड ने बताया कि नयापुरा गाँव मे दो भाईयो के बीच आंगन मे
हिमांशु नवोदय कोचिंग कलासेज सै तीन छात्रों का नवोदय विधालय मे चयन हिमांशु नवोदय कोचिंग कलासेज सै तीन छात्रों का नवोदय विधालय मे चयन जितेन्द्र ठक्कर दिनांक 31मई, अटरू मे लगभग 10 वर्षों से संचालित हिमांशु नवोदय कोचिंग कलासेज अनवरत संचालित हे जिसमें से प्रति वर्ष नवोदय विधालय मे कश्रा 6 मे अध्ययन के लिए नवोदय विधालय समिति द्वारा होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा मे प्रति वर्ष हिमाशुं नवोदय …