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"Birth of Ebola" Original Painting:Made in Krita,Digital What the best way to start 2022? With a disease painting, of course!!! This masterpiece is a depiction of Ebola-chan's birth(PBUH) with Marburg-chan and AIDS-kun welcoming her with flowers and a cloth. Here's a fun fact: Ebola-chan is named after a river in....you guessed it! Africa! So, the correlation with Botecelli's "Birth of Venus" is WAY too on the nose, pertaining to our goddess Ebola-chan! YT:Moonliightartist Socials: https://allmylinks.com/moonliightartist?ref=sskf https://il.ink/Moonliightartist https://flow.page/moonliightartist Etsy:https://www.etsy.com/shop/Moonliighttopia Redbubble: https://www.redbubble.com/shop/ap/100660990?asc=u ArtStation:https://moonliightartist.artstation.com/store/art_posters DA:https://www.deviantart.com/moonliightartist/shop
US urges Europe to step up travel measures against Ebola https://apnews.com/article/ebola-response-travel-africa-europe-trump-43b9851333968e93d6a9b48fbc8aae9e?utm_source=dlvr.it&utm_medium=tumblr
Ebola : హైదరాబాద్లో ఎబోలా కలకలం
Ebola : త్రినేత్రం న్యూస్ : హైదరాబాద్, మే 5: హైదరాబాద్లో ఎబోలా వైరస్ కలకలం రేపుతోంది. అనుమానిత ఎబోలా లక్షణాలతో మరో ఇద్దరు వ్యక్తులు సికింద్
Ebola Virus से दुनिया में हड़कंप! जानिए भारत पर कितना बड़ा है इसका खतरा
Ebola Virus से दुनिया में हड़कंप! जानिए भारत पर कितना बड़ा है इसका खतरा
दुनिया एक बार फिर Ebola Virus को लेकर सतर्क हो गई है। अफ्रीका के कुछ देशों में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो (DRC) और युगांडा में फैल रहे प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया है।
हालांकि भारत में अभी तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इबोला वायरस क्या है, यह कितना खतरनाक है और भारत के लिए इसका क्या मतलब है।
Ebola Virus को लेकर दुनिया क्यों चिंतित है?
इबोला वायरस दुनिया की सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारियों में से एक माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी चिंता इसकी उच्च मृत्यु दर और तेजी से फैलने की क्षमता है।
WHO के अनुसार मौजूदा प्रकोप इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि:
संक्रमण कई देशों तक पहुंच चुका है।
मृत्यु दर काफी अधिक है।
कुछ स्ट्रेन के लिए प्रभावी वैक्सीन सीमित हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
सीमावर्ती इलाकों में लोगों की आवाजाही लगातार जारी है।
Ebola Virus क्या है और यह कितना खतरनाक है?
Ebola Virus Disease (EVD) एक गंभीर वायरल बीमारी है जो इंसानों और कुछ जानवरों को संक्रमित कर सकती है।
यह वायरस शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है और गंभीर मामलों में:
आंतरिक रक्तस्राव
बाहरी रक्तस्राव
अंगों का फेल होना
मृत्यु
जैसी स्थितियां पैदा कर सकता है।
इसी वजह से WHO और CDC इसे दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में शामिल करते हैं।
WHO ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी क्यों घोषित किया?
WHO के अनुसार मौजूदा स्थिति कई कारणों से चिंताजनक है।
1. संक्रमण सीमाओं को पार कर रहा है
प्रकोप की शुरुआत कांगो में हुई थी, लेकिन इसके मामले युगांडा तक पहुंच चुके हैं।
2. मृत्यु दर काफी अधिक है
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान प्रकोप में मृत्यु दर लगभग 30% से 50% तक देखी जा रही है।
3. वैक्सीन की सीमित उपलब्धता
मौजूदा Bundibugyo स्ट्रेन के लिए अभी व्यापक रूप से स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
4. लोगों की लगातार आवाजाही
सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रा और व्यापार के कारण वायरस के अन्य देशों तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
किन देशों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं?
वर्तमान प्रकोप में सबसे अधिक मामले इन क्षेत्रों में दर्ज किए गए हैं:
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC)
युगांडा
सीमावर्ती प्रभावित क्षेत्र
दक्षिण सूडान जैसे उच्च जोखिम वाले पड़ोसी देश
फिलहाल कांगो संक्रमण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
भारत सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
भारत सरकार ने एहतियात के तौर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
प्रमुख निर्देश
गैर-जरूरी अफ्रीका यात्रा से बचने की सलाह
एयरपोर्ट्स पर निगरानी बढ़ाना
प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग
संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत रिपोर्ट करने का निर्देश
जरूरत पड़ने पर स्वयं को आइसोलेट करने की सलाह
क्या भारत में अभी तक Ebola Virus का कोई मामला मिला है?
नहीं।
जून 2026 तक भारत में इबोला वायरस का कोई पुष्ट मामला दर्ज नहीं हुआ है।
फिर भी स्वास्थ्य मंत्रालय, ICMR और एयरपोर्ट हेल्थ अथॉरिटीज लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके।
भारत कितना तैयार है?
कोविड-19 महामारी के बाद भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।
भारत की प्रमुख तैयारियां
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग सिस्टम
आधुनिक वायरोलॉजी लैब्स
ICMR का मजबूत नेटवर्क
आइसोलेशन वार्ड
प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ
रैपिड रिस्पॉन्स टीमें
विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
Ebola Virus कैसे फैलता है?
इबोला वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है।
संक्रमण फैलने के प्रमुख कारण
संक्रमित खून के संपर्क में आना
पसीना
लार
उल्टी
मल-मूत्र
संक्रमित वस्तुओं को छूना
संक्रमित शव के संपर्क में आना
क्या Ebola Virus हवा से फैलता है?
अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार इबोला वायरस कोविड-19 की तरह हवा में लंबे समय तक रहकर फैलने वाला वायरस नहीं माना जाता।
यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसका जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है।
इबोला के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
शुरुआत में इबोला के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं।
सामान्य लक्षण
तेज बुखार
सिरदर्द
शरीर में दर्द
कमजोरी
गले में दर्द
उल्टी
दस्त
पेट दर्द
गंभीर स्थिति में
खून की उल्टी
मसूड़ों से रक्तस्राव
आंतरिक रक्तस्राव
अंगों का फेल होना
यदि किसी व्यक्ति ने प्रभावित क्षेत्र की यात्रा की हो और ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
क्या इबोला जानलेवा होता है?
हाँ।
इबोला वायरस को दुनिया की सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में गिना जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है।
इबोला की मृत्यु दर कितनी है?
मृत्यु दर कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे:
वायरस का प्रकार
इलाज की उपलब्धता
मरीज की स्वास्थ्य स्थिति
कुछ प्रकोपों में मृत्यु दर 30% से 50% तक देखी गई है, जबकि पुराने प्रकोपों में यह 80% तक भी पहुंच चुकी है।
क्या Ebola Virus का इलाज उपलब्ध है?
फिलहाल इबोला का कोई सार्वभौमिक इलाज उपलब्ध नहीं है।
उपचार में क्या किया जाता है?
शरीर में पानी की कमी दूर करना
इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना
ऑक्सीजन सपोर्ट देना
ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखना
अन्य जटिलताओं का इलाज
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीमारी की जल्दी पहचान मरीज के बचने की संभावना बढ़ा देती है।
क्या इबोला की वैक्सीन उपलब्ध है?
कुछ प्रकार के इबोला वायरस के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं।
हालांकि वर्तमान Bundibugyo स्ट्रेन के लिए अभी व्यापक रूप से स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। WHO और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है?
कुछ लोगों में संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है:
डॉक्टर और नर्स
संक्रमित मरीजों के परिवारजन
लैब कर्मचारी
शव प्रबंधन से जुड़े लोग
प्रभावित देशों की यात्रा करने वाले यात्री
विदेश यात्रा के दौरान क्या सावधानी रखें?
यदि आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें:
प्रभावित देशों की यात्रा टालें
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें
बीमार लोगों से दूरी बनाए रखें
हाथों की नियमित सफाई करें
स्थानीय स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करें
यात्रा बीमा जरूर लें
भारतीयों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
भारत में फिलहाल कोई मामला नहीं है, लेकिन सावधानी हमेशा बेहतर होती है।
जरूरी सुझाव
अफवाहों पर भरोसा न करें
व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें
नियमित रूप से हाथ धोएं
विदेश से लौटे व्यक्ति में लक्षण दिखें तो जांच कराएं
सरकारी स्वास्थ्य सलाह का पालन करें
सैनिटाइजर और मास्क कितने प्रभावी हैं?
सैनिटाइजर और हाथों की सफाई संक्रमण रोकने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
मास्क कुछ परिस्थितियों में सुरक्षा बढ़ा सकता है, लेकिन केवल मास्क पहनना इबोला से पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। सबसे जरूरी है संक्रमित व्यक्ति या उसके शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से बचना।
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यदि कोई व्यक्ति प्रभावित क्षेत्र से लौटा है तो क्या करे?
यदि कोई व्यक्ति हाल ही में युगांडा, कांगो, सूडान या किसी प्रभावित क्षेत्र से लौटा है, तो उसे निम्न कदम उठाने चाहिए:
21 दिनों तक अपने स्वास्थ्य पर नजर रखें।
बुखार या कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
अपना यात्रा इतिहास न छिपाएं।
जरूरत पड़ने पर स्वयं को अलग रखें।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल भारत में घबराने की जरूरत नहीं है।
हालांकि आज के दौर में अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक संपर्क बहुत बढ़ चुके हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। सरकार, स्वास्थ्य एजेंसियां और आम नागरिक मिलकर किसी भी संभावित खतरे को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Ebola Virus एक गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा बीमारी है, लेकिन सही जानकारी, समय पर पहचान और उचित सावधानियों के जरिए इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भारत में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है और स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। ऐसे में घबराने की बजाय जागरूक रहना, विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेना और स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना सबसे बेहतर तरीका है।
मध्य अफ्रिकामा इबोला संक्रमण तीव्र, अमेरिका सहित विभिन्न देशले यात्रा प्रतिबन्ध कडा बनाए.
मध्य अफ्रिकाका केही देशहरूमा फैलिरहेको इबोला संक्रमणले अन्तर्राष्ट्रिय समुदायको ध्यान तानेको छ। विशेषगरी प्रजातान्त्रिक गणतन्त्र कङ्गो (डीआरसी), युगान्डा र दक्षिण सुडान क्षेत्रमा संक्रमण बढ्दै गएपछि विभिन्न देशहरूले यात्रा तथा सीमा सुरक्षासम्बन्धी नियमहरू कडा बनाउन थालेका छन्।
संक्रमणको जोखिम बढेको भन्दै अमेरिकाले प्रभावित देशहरूबाट हालै यात्रा गरेका केही विदेशी नागरिकमाथि प्रवेश प्रतिबन्ध लागू गरेको छ। साथै अमेरिका प्रवेश गर्ने छुट पाएका यात्रुहरूलाई विशेष स्वास्थ्य परीक्षण, निगरानी तथा निश्चित विमानस्थलमार्फत मात्र प्रवेशको व्यवस्था गरिएको छ।
विश्व स्वास्थ्य अधिकारीहरूका अनुसार हाल देखिएको इबोला भाइरसको प्रकार नियन्त्रणका लागि चुनौतीपूर्ण मानिएको छ। संक्रमित व्यक्तिहरूको सम्पर्क पहिचान, उपचार तथा परीक्षण कार्यलाई तीव्र बनाइएको भए पनि सीमावर्ती क्षेत्रहरूमा मानिसहरूको आवतजावतका कारण संक्रमण नियन्त्रणमा कठिनाइ देखिएको छ।
स्वास्थ्य निकायहरूले सार्वजनिक गरेको प्रारम्भिक विवरणअनुसार संक्रमित तथा शंकास्पद बिरामीहरूको संख्या निरन्तर बढिरहेको छ भने मृत्यु हुनेको संख्या पनि उल्लेखनीय रूपमा वृद्धि भएको छ। यद्यपि अन्तिम तथ्यांक अझै अद्यावधिक हुने क्रममै रहेको बताइएको छ।
संक्रमण थप फैलिन नदिन छिमेकी राष्ट्रहरूले सीमा निगरानी बढाएका छन्। विमानस्थल, स्थलमार्ग र अन्य प्रवेश बिन्दुहरूमा स्वास्थ्य जाँचलाई प्राथमिकता दिइएको छ। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) लगायतका निकायहरूले रोग नियन्त्रण, परीक्षण तथा जनचेतना कार्यक्रमलाई तीव्र बनाएका छन्।
विशेषज्ञहरूले हाल अफ्रिका बाहिरको जोखिम तुलनात्मक रूपमा कम रहेको बताए पनि संक्रमण नियन्त्रणमा ढिलाइ भए विश्वव्यापी स्वास्थ्य चुनौती सिर्जना हुन सक्ने चेतावनी दिएका छन्। आगामी केही साताले महामारी नियन्त्रणको दिशा तय गर्ने अपेक्षा गरिएको छ।
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Ebola virus, but as animal(?)
Reference to its (most common) natural host, the straw-colored fruit bat