मिट्टी की है जो खुशबू ,
तू कैसे भुलायेगा तू चाहे कही जाए,
तू लौट के आएगा नई-नई राहों में,
दबी-दबी आहों में खोए-खोए दिल से तेरे,
कोई ये कहेगा ये जो देस है तेरा,
स्वदेस है तेरा तुझे है पुकारा..
ये वो बंधन है, जो कभी टूट नहीं सकता
~ये जो देश है तेरा (स्वदेश 🎥)














