ठीक है ना कुछ सपने हमारे पूरे नहीं होते ,
पर बहुत सी ऐसी बाते है जो हमें मुस्कुराहटें देती है,
क्या हुआ जो चाहते थे ,वो नहीं मिला ,
बिना मांगे जो मिला, कितनों को तो वो भी ना मिला,
एक रंग,दूसरे रंग ना हों पाने की शिकायत करता होता,
तो वो मिलकर इन्द्रधनुष बना पाता, ये कैसे जान पाता,
जो सपना पूरा हुआ लाल रंग का,
जो कभी पूरा ना हो सकता पीले रंग का,
जो आधा पूरा ,आधा अधूरा रह गया वो नीले रंग का,
ऐसे ही मिल कर अपनी भी दुनिया इंद्रधनुषी होती है
सब को सब कुछ नहीं मिलता
पर सब को कुछ ना कुछ जरुर मिलता ।












