बिहार के लौंगी भुईयां साकारात्मक सोच और कड़ी मेहनत के पयार्य हैं। 👏🙏
गया जिला के कोठिलवा गांव के 70 साल के लौंगी भुईयां ने 30 साल की अथक मेहनत से 3 किमी लंबी नहर तैयार कर दी।
दरअसल कोठिलवा गांव घने जंगल और पहाड़ों से घिरा हुआ है और यहां के रहने वाले लोगों की आजीविका का मुख्य साधन खेती है। लेकिन खेतों में सिंचाई की सुविधा न होने के कारण यहां के लोग पलायन करने के लिए मजबूर थे।
यह देख भुईयां ने सोचा कि अगर बारिश के मौसम में पहाड़ों से गिरने वाला पानी नहर द्वारा खेतों में पहुंच जाए तो किसानी में बहुत मदद होगी और पलायन भी रुक जाएगा। यही सोचकर उन्होंने अकेले ही नहर खोदने का निर्णय कर लिया और फावड़े से नहर खोदना शुरू कर दिया।
नहर खोदने में किसी ने उनकी मदद नहीं की न ही गांव के लोगों ने न ही प्रशासन ने पर आज सब उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।
आज इस नहर से पूरे गांव को फायदा हो रहा है।
लौंगी भुईयाँ जैसे व्यक्ति समाज और प्रशासन से कोई अपेक्षा ना रख स्वयं की भी मदद करते हैं और समाज के लिए भी एक उदाहरण बन जाते हैं।

















