हार नही पाओगे
दुनिया फूलों से पटी पड़ी है दुनिया हीरों से लदी पड़ी है लेकिन लोगों को सिर्फ धूल दिखती है इंसान की अच्छाई नहीं, उसकी सिर्फ भूल दिखती है
रंग इतने हैं यहाँ की गिन नही पाओगे ज़रा झांको तो सही अपने झरोखों से गिर नही जाओगे
तु अपने रंग का सिपाही है तेरी कलम में सोने और चांदी की स्याही है जरा हिम्मत तो करो लड़ने की मिट नहीं जाओगे
हर साहस की अपनी चमक होती है अपने देश की मिट्टी की अलग ही महक होती है जरा सरहद पर खड़े तो हो जाओ हार नही पाओगे ~ राहुल सिंह
















