ऊँट क्या पानी कूबड़ में जमा करके रखता है ?
ऊँट क्या पानी कूबड़ में जमा करके रखता है ?
ऊँट एक प्राणी -
ऊँट कैमुलस जीनस के अंतर्गत आने वाला एक खुरधारी जीव है।अरबी ऊँट के एक कूबड़ जबकि बैक्ट्रियन ऊंट के दो कूबड़ होते हैं। अरबी ऊँट पश्चिमी एशिया के सूखे रेगिस्तान क्षेत्रों के जबकि बैकट्रियन ऊँट मध्य और पूर्व एशिया के मूल निवासी हैं। इसे रेगिस्तान का जहाज भी कहते हैं। एक ऊँट की औसत जीवन प्रत्याशा चालीस से पचास वर्ष होती है।एक पूरी तरह से विकसित खड़े वयस्क ऊंट की ऊँचाई कंधे तक 1.85 मी और कूबड़ तक 2.15 मी होती है। कूबड़ शरीर से लगभग तीस इंच ऊपर तक बढ़ता है। ऊँट की अधिकतम भागने की गति 65 किमी/घंटा के आसपास होती है तथा लम्बी दूरी की यात्रा के दौरान यह अपनी गति 40 किमी/घंटा तक बनाए रख सकता है। ऊट का गर्भकाल लगभग 400 दिनों का होता है।
ऊंट के बारे में रोचक तथ्य-
एक ऊँट सात फीट लम्बा, और 680 किलो का होता है।इन्हें रेगिस्तान में जीने की आदत है,और इस वातावरण के हिसाब से, इनकी भौहें 10 सेंटिमीटर लम्बे होते हैं, ताकि इनकी आँखों में रेत ना घुस जाए।उनके कान में भी बाल इसी वजह से होते हैं – ताकि रेत उनके कानों में ना घुस जाए।ऊँट के पैर बहुत ही अनोखे होते हैं, जिसके कारण वे आसानी से रेत पर चल पाते हैं।
ऊँट में कूबड़ में पानी के लिए नहीं है -
यह जानवर अपने कूबड़ के लिए जाना जाता है।लोग मानते हैं कि ऊँट अपने कूबड़ में पानी रखता है,लेकिन असल में ये फैट के लिए है। जब उन्हें खाना नहीं मिलता है, तो इसी फैट से उन्हें ऊर्जा मिलती है।बिना खाना और पानी के, एक ऊँट काफी लम्बे समय तक जीवित रह सकता है। कई जानवरों के शरीर में जब पानी 15% कम हो जाता है, तो वो मरियल से हो जाते हैं। लेकिन एक ऊँट, पानी की 25% कमी भी सहन कर पाता है।जब इन्हें पानी मिलता है, तब ये करीबन 151 लीटर पानी एक ही साथ में पी लेते हैं।रात के समय उनके शरीर का तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्शियस होता है,और दिन के समय, 41 डिग्री सेल्शियस।ऊँट के दूध में बहुत सारा आइरन,विटामिन और मिनरल पाया जाता है।गाय के दूध से ज़्यादा, ऊँट का दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, क्योंकि इसमें कम फैट पाया जाता है।
एक ऊँट 6-7 महीने तक बिना पानी के रह सकता है-
ऊँट पर जो बाल होते हैं, वे धूप की किरणों को प्रतिबिम्बित कर देते हैं,जिसके कारण उनके शरीर में ठंडक कायम रहती है।ये जानवर अपने पीठ पर कम से कम 181 किलो जितना सामान उठा पाता है।ऊँट सस्तन प्राणी होते हैं।ये जानवर बहुत ही समझदार है। साथ ही, एक ऊँट की नज़र और सुनने की क्षमता बहुत ही अच्छी होती है।जब एक ऊँट के ऊबड़ का फैट खतम हो जाता है, तो उसका ऊबड़ छोटा हो जाता है। एक ऊँटनी एक बार में एक ही बच्छड़े को जन्म दे सकती है।एक ऊँट का बच्छड़ा करीबन 40 किलो का होता है।बच्छड़े अपने माँ का दूध ही पीते हैं।कभी-कभी ऊँट के बच्छड़े सफेद बालों के साथ पैदा होते हैं। जैसे जैसे वो बड़े होते हैं, वैसे वैसे उनके बाल भूरे रंग के हो जाते हैं। ऊँट के पैर लम्बे इसलिए होते हैं, क्योंकि वे ऊँट को तपती हुई धरती से दूर रखने में सक्षम होते हैं।सर्दियों के मौसम में एक ऊँट 6-7 महीने तक बिना पानी के रह सकता है।







