Happy Birthday Maa
मुझ जैसे छोटे अंकुर में प्राणों का संचार किया जितना हमने सोचा न था उससे बढ़कर है प्यार किया भूले भटके, फिसले अटके हर हाल में संभाल लिया संज्ञान बिना, जाने कितने हम जैसों को है पाल दिया घर में, परिवार में, संसार में कौशल तुम्हारा विख्यात है ज्योतिर्मयी मन की अमिट कीर्ति हर दिशा में प्रख्यात है जीवन के कितने कष्ट भुजंग लिपटे थे पल पल अंग अंग चंदन के वृक्ष सी शीतल तुम बरसाती हो गुण संग सुगंध जाने कहाँ से और कितनी ये शक्ति तुममें बसती है जैसे कष्टों को झेल गयीं तुम नियति भी खुद पर हँसती है ध्रुव तारे सी हो अटल तुम आचरण फिर भी है विनीत मन की गहराई असीमित है क्या जान पाएं जो हो प्रतीत बेटी बहन, माँ या नानी प्रेरणा है तुम्हारा हर रूप कितनों की सर्द दोपहरों में मुस्काई बन कर मधुर धूप अब उम्र तुम्हारी वर्षों में नहीं फैले यश से नापी जाएगी तुम शशि सुता, योगेंद्र सदा बोली जिसकी अब मौन से भाँपी जाएगी अनुषा हो तुम, सिर्फ रश्मि नहीं खिलाड़ी नहीं पूरा खेल हो जन्म की उसको क्या दूँ बधाई जो खुद जीवन की बेल हो!!










