Essay : Why Literature? by Mario Vargas Llosa : Hindi Translation #04
“साहित्य हमारे प्रबल असंतोष को क्षणिक रूप में ही शांत कर सकता है, किन्तु इसी आश्चर्यमय स्थिति में , जीवन के इसी क्षणिक ठहराव में साहित्यिक घटाटोप हमें उठाकर इतिहास से बाहर पहुँचा देता है, और हम एक समयातीत लोक के निवासी हो जाते हैं, और इस तरह अमर हो जाते हैं. हम और और गंभीर, और वैभवशाली, और संश्लिष्ट होते जाते हैं और सामान्य जीवन की बँधी हुई दिनचर्या की अपेक्षा और सरल सुबोध होते जाते हैं. जब हम पुस्तक पढ़ना बन्द करते हैं और साहित्यिक उपन्यास से अलग होते हैं तो वास्तविक स्थिति में लौट आते हैं. तुलना कीजिए इसकी और उस शानदार लोक की जहाँ से हम अभीं अभीं लौटे हैं. कितनी उदासी हमारी प्रतीक्षा करती होती है. साथ ही वह विराट अनुभूति भी हमारी प्रतीक्षा करती रहती है कि वह उपन्यास का मजेदार जीवन इस जीवन से कहीं अधिक अच्छा है, कहीं अधिक खूबसूरत है, अधिक फैलाव वाला है, अधिक सुगठित है।”












