न_जन्म_हुआ_न_मरा_कबीरा
ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया। काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया।
ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता वह सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी हैं।










